एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड में एक अरसे से ऐसे गाने (song) बनते आए हैं, जिनकी धुन बजते ही लोगों के पैर खुद ब खुद थिरकने लगते हैं। 21 साल पहले एक ऐसा ही गाना रिलीज हुआ था, जिसके लिरिक्स किसी और ने नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के दिग्गज लिरिसिस्ट गुलजार साहब ने लिखे थे। जिस गाने की हम बात कर रहे हैं, उसके लिरिक्स का आइडिया गुलजार साहब को ट्रक के पीछे लिखे कोट्स से मिला था।
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जिस गाने का जिक्र हम कर रहे है, वह कोई और नहीं बल्कि कल्ट क्लासिक सॉन्ग ‘कजरारे-कजरारे’ है, जो साल 2005 में रिलीज रोमांटिक कॉमेडी मूवी ‘बंटी और बबली’ में फिल्माया गया था। जिसमें रानी मुखर्जी मुख्य भूमिका में थी। ऐश्वर्या राय पर फिल्माया ये गाना आज भी पूरी मूवी पर भारी पड़ता है। गुलजार साहब ने बताया था कि उन्हें इस गाने का आइडिया ट्रक पर लिखी शायरी से मिला था।

उन्होंने कहा था, “ये कविता बहुत ही बेमेल सी लगती है। यह गाना मुख्य रूप से उन लाइनों से इंस्पायर है, जो नॉर्थ इंडिया के रास्तों पर तेजी से चलने वाली ट्रकों पर लिखी होती हैं।” ट्रक पर अक्सर आंखों-कजरे और प्यार जैसे मजेदार कोट्स लिखे होते हैं और इन्हीं कुछ शब्दों को समेटकर गुलजार साहब ने ‘कजरारे’ जैसे शानदार गाने के लिरिक्स लिखी थी, जिसमें उन्होंने ‘दिल्ली’ की गलियों का भी बखूबी जिक्र किया।
म्यूजिक कंपोजर और सिंगर शंकर-एहसान और लॉय का धुन तैयार करने के पीछे भी एक मजेदार किस्सा है। शंकर महादेवन ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब वह बाथरूम में शावर के नीचे खड़े होकर नहा रहे थे, तो उन्हें उस समय इस गाने की धुन बनाई और तुरंत जाकर अपने साथ के लोगों को सुनाई और वह सीधा गुलजार साहब के पास गए। जब यह गाना रिलीज हुआ था, उस समय पर ये BBC और इंडिया के कई म्यूजिक चार्ट्स पर सबसे ऊपर रहा था, जिसकी वजह से यह दशक का सबसे लोकप्रिय गाना बना।
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