नई दिल्ली। इबोला (Ebola) वायरस ने दुनिया भर में अलर्ट जारी किया गया है। इन सब के बीच 23 मई को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची 28 साल की एक युगांडा की महिला को एहतियात के तौर पर इंदिरा नगर के एपिडेमिक डिजीज हॉस्पिटल में आइसोलेट कर दिया गया है। उसके इबोला जांच के लिए सैंपल लिए गए।
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इबोला वायरस के लक्षण आमतौर पर संक्रमित होने के 2 से 21 दिनों के भीतर अचानक प्रकट होने लगते हैं। शुरुआत में यह एक सामान्य फ्लू जैसा महसूस होता है, लेकिन समय के साथ स्थिति गंभीर हो सकती है।
शुरुआती लक्षण:
अचानक तेज बुखार और ठंड लगना।
अत्यधिक थकान और कमजोरी।
तेज सिरदर्द और मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द।
गले में खराश।
गंभीर लक्षण:
गंभीर उल्टी और दस्त।
पेट में दर्द और भूख न लगना।
सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द।

बचाव के उपाय:
संक्रमित लोगों से दूरी: इबोला के लक्षण वाले व्यक्तियों और उनके शारीरिक तरल पदार्थों (कपड़े, बर्तन आदि सहित) के सीधे संपर्क में आने से बचें।
मृतकों के अंतिम संस्कार में सावधानी: यदि किसी व्यक्ति की इस बीमारी से मृत्यु हो गई है, तो उसके शव को न छुए। सुरक्षित अंतिम संस्कार प्रथाओं का पालन करें।
साफ-सफाई: अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र से साफ करते रहे।
असुरक्षित यौन संबंध से बचें: वायरस ठीक होने के बाद भी वीर्य में कई हफ्तों तक जीवित रह सकता है। ऐसे में कम से कम कुछ महीनों तक सुरक्षित यौन संबंध बनाएं और कंडोम का उपयोग करें।
जंगली मांस से परहेज: बंदरों, चमगादड़ों या अन्य जंगली जानवरों के संपर्क में आने और उनके मांस (बुशमीट) का सेवन करने से बचें।
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