डेस्क। क्या आपने कभी सोचा है कि शराब की ज्यादातर बोतलें प्लास्टिक के बजाय कांच की क्यों बनी होती हैं? स्वाद और खुशबू को बनाए रखने से लेकर केमिकल से होने वाले नुकसान को रोकने तक कांच की बोतल की एक काफी बड़ी भूमिका होती है।
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दरअसल कांच केमिकल के लिहाज से निष्क्रिय होता है। यानी कि यह Alcohol के साथ रिएक्ट नहीं करता और ना ही उसकी बनावट में कोई बदलाव आता है। इस वजह से ड्रिंक की असली शुद्धता बनी रहती है। वहीं कुछ प्लास्टिक ऐसे होते हैं जो समय के साथ तरल पदार्थ के साथ रिएक्ट कर सकते हैं। शराब एक सॉल्वेंट का काम करती है और कुछ प्लास्टिक ऐसे होते हैं जो लंबे समय तक कर रखे रहने पर धीरे-धीरे तरल पदार्थ में केमिकल छोड़ सकते हैं। इस प्रक्रिया को लीचिंग कहते हैं।

कांच की बोतलें शराब के असली स्वाद, महक और रंग को बनाए रखने में मदद करती हैं। प्लास्टिक के कंटेनर धीरे-धीरे स्वाद के प्रोफाइल को बदल सकते हैं। कांच में कोई छेद नहीं होता इस वजह से यह बोतल में ऑक्सीजन को घुसने से रोकता है। इससे ऑक्सीडेशन नहीं होता जो समय के साथ शराब को खराब कर सकता है या फिर उसकी क्वालिटी घटा सकता है। प्लास्टिक की बोतलें थोड़ी बहुत हवा को अंदर आने देती हैं। इस वजह से वे लंबे समय तक चीजों को सुरक्षित रखने में उतनी असरदार नहीं होतीं।
गहरी रंग की बोतलें जैसे हरे या फिर भूरे रंग के कांच की बोतल शराब को अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क से बचाती हैं। इस तरह की किरण कुछ ड्रिंक को खराब कर सकती हैं और उनके स्वाद व केमिकल स्थिरता पर बुरा असर डाल सकती है। कांच की पैकेजिंग को लग्जरी, क्वालिटी और असलियत से जोड़कर देखा जाता है। इस वजह से महंगी वाइन, व्हिस्की और स्पिरिट आमतौर पर कांच की बोतलों में बेची जाती हैं।
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