लाइफस्टाइल डेस्क। आप फिट रहने के लिए रात में खूब सलाद खा रहे हैं और डाइजेशन सुधारने के लिए कटोरी भर दही, लेकिन फिर भी गैस और ब्लोटिंग क्यों हो रही है? सच्चाई यह है कि सिर्फ हेल्दी खाना (Healthy Food) ही काफी नहीं है। आयुर्वेद के अनुसार अगर आप दुनिया का सबसे पौष्टिक खाना भी गलत समय पर खाते हैं तो वह शरीर में फायदे की जगह जहर का काम करने लगता है।
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दही को प्रोबायोटिक्स का खजाना माना जाता है लेकिन रात के समय इसे खाना आयुर्वेद में वर्जित है। दही की प्रकृति भारी और चिकना होता है। सूर्यास्त के बाद शरीर में कफ दोष प्राकृतिक रूप से बढ़ता है। रात में दही खाने से शरीर में कफ और टॉक्सिन की मात्रा बढ़ जाती है। इसके कारण नाक बंद होना, साइनस की समस्या, गले में खराश, बलगम बनना, जोड़ों में दर्द, एक्ने और शरीर में भारीपन जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
वजन घटाने और फाइबर के लिए सलाद को सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन इसे रात के खाने में शामिल करना पाचन तंत्र पर भारी पड़ सकता है।कमजोर डायजेस्टिव फायर के लिए कच्ची फाइबर वाली सब्जियों को तोड़ना मुश्किल होता है। इसके कारण पेट में गैस, भारीपन, ब्लोटिंग और नींद में खलल पड़ने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

बहुत से लोग खाने के बाद डेजर्ट के तौर पर फल खाना पसंद करते हैं, जो कि पाचन के लिए एक बड़ी गलती है। जब खाने के तुरंत बाद फल खाते हैं, तो फल खाने के पीछे फंस जाते हैं और पेट में ही फर्मेंट होने लगते हैं। इसके कारण एसिडिटी, खट्टी डकारें, पाचन की गति धीमी होना और पोषक तत्वों का सही अब्जॉर्प्शन न होने जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
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