असम। ईरान से जुड़े तनाव और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम रास्तों में रुकावटों के चलते दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर से बढ़ रही हैं। आईये जानते हैं भारत के किस राज्य में सबसे ज्यादा Oil Wells हैं और इसका असली मालिक कौन है?
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ऐतिहासिक रूप से असम में देश में सबसे ज्यादा तेल के कुए रहे हैं। यह भारत का सबसे पुराना तेल उत्पादक क्षेत्र है। यहां 1889 में डिगबोई में पहला तेल का कुआं खोदा गया था। समय के साथ असम में कई बड़े तेल क्षेत्र विकसित हुए हैं। इनमें नाहरकटिया और मोरन हुगरीजान शामिल हैं।इससे यह भारत की शुरुआती पेट्रोलियम उद्योग की रीढ़ बन गया।

आज के दौर में जमीन पर होने वाले तेल उत्पादन के मामले में राजस्थान सबसे आगे है। थार रेगिस्तान में बसे इस राज्य का बाड़मेर बेसिन भारत का सबसे ज्यादा तेल उत्पादक क्षेत्र बन गया है।लगभग 200 नए कुएं खोदने की योजनाओं के साथ राजस्थान देश के शीर्ष ऑनशोर तेल उत्पादक के तौर पर अपनी स्थिति को और भी मजबूत कर रहा है। गुजरात भी लंबे समय से एक बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र रहा है।
इसी के साथ तमिलनाडु, खासकर कावेरी बेसिन में भी कई तेल और गैस क्षेत्र मौजूद हैं। यह सभी क्षेत्र मिलकर भारत के घरेलू ऊर्जा उत्पादन में मदद करते हैं। भारतीय कानून के तहत सभी पेट्रोलियम संसाधन केंद्र सरकार के होते हैं। संविधानिक प्रावधानों के मुताबिक जमीन के नीचे या फिर समुद्र में पाए जाने वाले तेल और प्राकृतिक गैस पर केंद्र सरकार का ही हक होता है। भले ही किसी खास राज्य में तेल मिल जाए लेकिन उसका मालिकाना हक उस राज्य या फिर जमीन के निजी मालिकों के पास नहीं होता।
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