डेस्क। Holi भारत का वह त्योहार है जो खुशियों, हंसी-मजाक और रंगों से भरा होता है। भारत में होली को खुले मैदानों, गलियों और सड़कों पर मनाया जाता है, जहां बड़े-बड़े जुलूस, रंगों का उत्सव और पारंपरिक मिठाइयों के साथ धूमधाम होती है, लेकिन कई इस्लामिक देशों में धार्मिक और सामाजिक नियम इतने सख्त हैं कि होली को सार्वजनिक रूप से मनाना नामुमकिन है।
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अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद धार्मिक नियम बहुत सख्त हो गए हैं। हिंदू और सिख समुदाय की संख्या बहुत कम रह गई है, इसलिए होली अब सार्वजनिक रूप से नहीं मनाई जाती है। रंग खेलना या जुलूस निकालना प्रतिबंधित है। त्योहार सिर्फ घर या मंदिर के भीतर ही सीमित है। अगर कोई सार्वजनिक रूप से रंग खेलता है, तो कानूनी कार्रवाई का खतरा रहता है।

सऊदी अरब में गैर-इस्लामी त्योहारों के सार्वजनिक आयोजन पर लंबे समय तक सख्ती रही है। भारतीय प्रवासी भी सिर्फ निजी परिसरों या दूतावास में ही होली मना सकते हैं।अन्य खाड़ी देश जैसे कतर और ओमान मे धार्मिक स्वतंत्रता सीमित है। सार्वजनिक रूप से रंग खेलना नहीं होता है, सिर्फ प्रशासन की अनुमति से निजी कार्यक्रम हो सकते हैं।अगर कोई सार्वजनिक रूप से रंग खेलता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई या भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
तालिबानी शासन के तहत धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए कोई भी सार्वजनिक आयोजन कठोर रूप से रोका जाता है। सऊदी अरब में रंग खेलते पकड़े जाने पर अपराधी को गिरफ्तार किया जा सकता है और कुछ मामलों में जेल या प्रत्यर्पण तक हो सकता है। कतर और ओमान में सार्वजनिक रूप से होली मनाना भी प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने पर जुर्माना, प्रशासनिक कार्रवाई या अपवित्रता के आरोप लग सकते हैं।
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