अहमदाबाद। देशव्यापी स्तर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर हुए बड़े आंदोलनों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विशाल प्रदर्शनों के बाद अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। आंदोलन से जुड़े गुजरात के प्रमुख राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता और मैनेजमेंट कंसल्टेंट मनीष ब्रह्मभट्ट ने पार्टी से अपना नाता तोड़ लिया है।
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उन्होंने मूल पार्टी पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक’ (CJP-Democratic) नाम से एक नए संगठन की घोषणा की है। मनीष ब्रह्मभट्ट ने मूल CJP में लोकतंत्र और पारदर्शिता की भारी कमी होने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनकी टीम पर हमला बोलते हुए कहा कि युवा और छात्र आंदोलन की आड़ में उन्होंने मनमाने तरीके से 12 सदस्यों की एक कमेटी बना ली।
गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर तालुका के चंडीसर गांव (बारोटवास) के रहने वाले मनीष ब्रह्मभट्ट गुजरात के एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता, सोशल एक्टिविस्ट और मैनेजमेंट कंसल्टेंट हैं। वह वर्ष 2022 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ चुके हैं।
निर्वाचन आयोग (Election Commission) के समक्ष वर्ष 2022 के चुनाव में दाखिल किए गए उनके हलफनामे (Affidavit) के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2000 में विद्यामंदिर स्कूल, पालनपुर से SSC और वर्ष 2002 में HSC की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उन्होंने हेमचंद्राचार्य उत्तर गुजरात यूनिवर्सिटी से वर्ष 2005 में बी.कॉम (B.Com) वर्ष 2009 में एलएल.बी (LL.B) की कानून की डिग्री हासिल की।
चुनावी हलफनामे के मुताबिक, मनीष ब्रह्मभट्ट के पास 3.35 करोड़ रुपये से अधिक की चल (जंगम) संपत्ति है। इसके अलावा, उनके खिलाफ साबरमती, वाડज, घाटलोडिया और पालनपुर तालुका पुलिस थानों में कुल 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि उन्हें अभी तक किसी भी मामले में अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है।
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