बंगाल। पश्चिम बंगाल (West Bengal) सरकार ने राज्य में मदरसा शिक्षा के संबंध में एक बड़ा फैसला लिया है। अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक नए आदेश के मुताबिक अब पूरे बंगाल के सभी मदरसों में कक्षाओं से पहले सुबह की प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा। यह निर्देश सरकारी मॉडल मदरसों, सहायता प्राप्त संस्थानों और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर समान रूप से लागू होगा। आइए जानते हैं कि क्या उत्तर प्रदेश में भी कुछ ऐसा ही कानून है?
यह भी पढ़ें-‘सच्चाई सामने आई खटाखट…’, विधानसभा में संभल हिंसा पर बरसे CM योगी
उत्तर प्रदेश में सरकार ने पहले भी शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से वंदे मातरम गाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार यह कहा है कि राज्य भर के स्कूलों में सुबह की सभाओं और देशभक्ति गतिविधियों के हिस्से के रूप में नियमित रूप से वंदे मातरम गाया जाना चाहिए। इसी के साथ उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड ने कक्षाओं के शुरू होने से पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान जन गण मन गाना पहले ही अनिवार्य कर दिया है।

हालांकि उत्तर प्रदेश के मदरसों में राष्ट्रगान पहले ही अनिवार्य है इसके बावजूद भी राज्य सरकार के अंदर वंदे मातरम को लेकर चर्चाएं जारी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने मदरसों में भी नियमित स्कूलों की तरह ही वंदे मातरम को पूरी तरह अनिवार्य बनाने के विचार का समर्थन किया है। राज्य सरकार लगातार इस गीत को राष्ट्रगान के साथ-साथ देश के राष्ट्रीय गीत के रूप में बढ़ावा देती रही है।
फरवरी 2026 में गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार ने कथित तौर पर आधिकारिक कार्यक्रमों और स्कूली आयोजनों के दौरान वंदे मातरम गाने और बजाने के संबंध में नए राष्ट्रीय दिशा निर्देश जारी किए थे। इन दिशा निर्देशों के मुताबिक अब निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान वंदे मातरम के सभी 6 पद गाए जाएंगे।
Tag: #nextindiatimes #WestBengal #VandeMataram




