सिर्फ एक्सपायरी डेट ही नहीं, दवा की इस लाल पट्टी पर भी दें ध्यान; जानें क्यों है बेहद जरूरी

लाइफस्टाइल डेस्क। मेडिकल स्टोर से दवा (medicine) खरीदते समय हम में से ज्यादातर लोग सिर्फ उसका नाम, दाम और एक्सपायरी डेट ही चेक करते हैं। इसके बाद पेमेंट करके घर लौट आते हैं लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कुछ दवाओं के पत्ते पर एक लाल रंग की सीधी लाइन बनी होती है? हम में से कई लोग इसे सिर्फ एक डिजाइन या आम निशान समझकर छोड़ देते हैं। हालांकि, यह कोई मामूली डिजाइन नहीं है। इस लाल पट्टी का आपकी सेहत और सुरक्षा से बहुत गहरा संबंध है।

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लाल पट्टी का असली मतलब क्या है?

भारत के ‘ड्रग्स रुल्स, 1945’ के तहत दवाओं की पैकिंग को लेकर खास नियम बनाए गए हैं। इन्हीं नियमों के अनुसार, कुछ दवाओं के लेबल पर बाईं तरफ एक लाल पट्टी बनाई जाती है। इस लाल लाइन का सीधा सा मतलब यह है कि वह दवा ‘प्रिस्क्रिप्शन ड्रग’ है। आसान शब्दों में कहें तो यह दवा आप बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं खरीद सकते।

इसे बेचने के लिए मेडिकल स्टोर वाले को डॉक्टर का पर्चा देखना जरूरी होता है।

खुद से दवा लेना पड़ सकता है भारी:

ऐसी दवाओं की पैकिंग पर साफ-साफ चेतावनी भी लिखी होती है। इन्हें अपनी मर्जी से खाना या किसी के कहने पर ले लेना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

यह भी ध्यान रखें कि दवा के पत्ते पर लिखा हर लाल रंग या डिब्बा एक जैसा नहीं होता।

इसलिए सिर्फ रंग देखकर अंदाजा लगाने के बजाय दवा का नाम,

उसकी खुराक और दिए गए निर्देश ध्यान से पढ़ें।

पुराने पर्चे से दोबारा न खरीदें दवा:

अक्सर लोग पुरानी बीमारी का पर्चा दिखाकर मेडिकल स्टोर से दोबारा वही दवा ले आते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तरीका बिल्कुल गलत और नुकसानदेह है।

जब भी आपको कोई शारीरिक परेशानी हो,

तो हमेशा डॉक्टर से मिलकर नए सिरे से जांच कराएं।

डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा ही लें और इस्तेमाल से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जांचना कभी न भूलें।

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