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शनिवार, जून 6, 2026

भारत के वो शिक्षा मंत्री; जिनके करियर में कभी लीक नहीं हुए पेपर

नई दिल्ली। परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना पहला आंदोलन कर रही है। इसी बीच आइए जानते हैं उन शिक्षा मंत्री के बारे में जिनके कार्यकाल के दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।

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आजाद भारत के सभी शिक्षा मंत्रियों में मौलाना अबुल कलाम आजाद को सबसे प्रभावशाली और सफल Education Minister में से एक माना जाता है। 1947 से 1958 तक भारत के पहले शिक्षा मंत्री के रूप में काम करते हुए उन्होंने देश के प्रारंभिक सालों के दौरान देश की शिक्षा प्रणाली को आकार देने में एक बड़ी भूमिका निभाई है। उनके कार्यकाल के दौरान सख्त प्रशासनिक अनुशासन के तहत परीक्षाएं आयोजित की गई और संगठित पेपर लीक से संबंधित कोई भी विवाद नहीं हुआ।

उनका ध्यान शैक्षिक पहुंच का विस्तार करने, संस्थाओं को मजबूत करने और नए स्वतंत्र राष्ट्र के लिए दीर्घकालिक शैक्षणिक ढांचे के निर्माण पर रहा। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की नींव रखी गई। इससे भारत को एक मजबूत तकनीकी कार्यबल विकसित करने में मदद मिली। उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान को मजबूत करने में भी एक बड़ी भूमिका निभाई और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जब महिला साक्षरता दर काफी कम थी आजाद ने लगातार राष्ट्रीय विकास के लिए महिलाओं को शिक्षित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण भारत में शैक्षिक अवसरों को बेहतर बनाने के लिए भी काम किया। 1956 में उन्होंने गांव और छोटे शहरों में लिटरेसी, एडल्ट एजुकेशन और उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण उच्च शिक्षा परिषद के निर्माण का समर्थन किया।

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