स्पोर्ट्स डेस्क। IPL में प्लेऑफ से चूकने का असर टीम के फाइनेंशियल बैलेंस शीट पर भी पड़ता है। जो टीम क्वालीफाई नहीं कर पाती उसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से कोई भी प्राइज मनी नहीं मिलता। इसी के साथ चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को भी करोड़ों रुपये मिलने की गारंटी होती है।
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इसका सबसे सीधा असर प्राइज मनी के नुकसान के रूप में होता है। आईपीएल में प्राइज मनी देने का एक साफ स्ट्रक्चर है। यहां प्लेऑफ के हर स्टेज पर फाइनेंशियल इनाम मिलते हैं। यहां तक कि चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को भी लगभग ₹6.5 करोड़ मिलते हैं। इसी के साथ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को लगभग ₹7 करोड़, रनर-अप टीम को ₹13 करोड़ और जीतने वाली टीम को ₹20 करोड़ दिए जाते हैं।

मैदान पर टीम का प्रदर्शन मैदान के बाहर उसकी इमेज को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। जब टीम क्वालीफाई नहीं कर पाती तो उनकी ब्रांड वैल्यू कम हो जाती है। स्पॉन्सर अगले सीजन में कम रेट पर डील को फिर से नेगोशिएट करने की कोशिश करते हैं। ऐसा जर्सी पर लोगो लगाने और पार्टनरशिप के मामलों में ज्यादा किया जाता है।
इतना ही नहीं बल्कि फैंस का जुड़ाव भी कम हो जाता है। कम जीत का मतलब है कम उत्साह। इसका सीधा असर जर्सी, कैप और फैन गियर जैसी मर्चेंडाइज की बिक्री पर पड़ता है। समय के साथ इस तरह की गिरावट की वजह से टीम को प्राइज मनी के अलावा भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। जब कोई टीम क्वालीफाई नहीं कर पाती तो उसे न सिर्फ मौजूदा कमाई का नुकसान होता है बल्कि भविष्य में डील्स के लिए भी मोलभाव करने में परेशानी होती है।
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