नई दिल्ली। हॉकी विश्व कप 2026 से पहले भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की नई ऑरेंज (केसरिया) जर्सी लॉन्च होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है। कई पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने भारतीय Hockey की पारंपरिक नीली जर्सी बदलने पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया ने इस फैसले के पीछे की वजह स्पष्ट की है।
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गौरतलब है कि अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले हॉकी विश्व कप में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अपनी पारंपरिक नीले रंग की जर्सी के बजाय केसरिया जर्सी में नज़र आएंगी। हॉकी इंडिया ने पिछले दिनों अपने सोशल मीडिया पेज पर नई जर्सी को पेश किया था। इस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग ‘भगवा’ किए जाने को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वे चाहे यूनीफॉर्म बदल लें या इतिहास बदलने की कोशिश करें, देश की आत्मा नहीं बदल सकते।

जर्सी के कलर को लेकर एक बयान जारी कर हॉकी इंडिया ने कहा, “हम आपको बताना चाहते हैं कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की सिफारिशों और उनसे हुई लंबी बातचीत के आधार पर लिया गया था।” आगे लिखा गया, “पहली सोच तकनीकी थी। यह देखा गया कि नीली जर्सी नीले रंग की आर्टिफिशियल खेल सतह के साथ घुलमिल जाती थी, जो अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैदानों का मानक रंग है। इस दृश्य समानता से खिलाड़ियों के लिए मैदान पर स्पष्टता और दृश्यता प्रभावित होती थी।”
हॉकी इंडिया ने यह भी साफ किया कि यदि विश्व कप के बाद खिलाड़ियों को यह जर्सी पूरी तरह उपयुक्त नहीं लगती है तो भविष्य में इसमें बदलाव करने पर भी विचार किया जाएगा।
पहली बार नहीं बदला जर्सी का रंग:
- 2014 FIH हॉकी विश्व कप में टीम ने पीली जर्सी पहनी थी।
- 2018 FIH हॉकी विश्व कप में स्काई ब्लू जर्सी का इस्तेमाल किया गया था।
- अब 2026 विश्व कप के लिए टीम ऑरेंज जर्सी में नजर आएगी.
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