एंटरटेनमेंट डेस्क। संगीत का रंग-रूप हर क्षेत्र में अलग रहा है। हर क्षेत्रीय भाषा का संगीत भी अलग है, लेकिन हां संगीत प्रेमियों के लिए कुछ गाने ऐसे जरूर बने, जो कल्ट रहे। बड़ी बात यह है कि यह गाने ग्रामीण इलाकों में खूब सुने गाए। आज हम आपको एक ऐसे गाने की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने यूपी-बिहार से लेकर गांवों में तक में तलहका मचाया।
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जिस गाने (song) की हम बात कर रहे हैं, असल में वह गाना साल 1999 में आई फिल्म शूल (Shool) का और गाने का नाम है ‘मैं आई हू यूपी बिहार लूटने…’ । जी हां, साल 1999 में आई राम गोपाल वर्मा की कल्ट क्राइम-थ्रिलर फिल्म ‘शूल’ का गाना “मैं आई हूं यूपी बिहार लूटने…” सिनेमा के इतिहास के सबसे लोकप्रिय और आइकॉनिक आइटम नंबर्स (Iten Number Songs) में से एक है।

इस गाने ने रिलीज होते ही पूरे देश में तहलका मचा दिया था और खासकर उत्तर भारत की शादियों, त्योहारों और ट्रैक्टरों खूब ये गाना बजता हुआ दिखाई दिया। शादियों में लोग इस पर थिरके तो वहीं ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टरों पर भी लोग इस गाने को सुनते नजर आए। इस गाने का दमदार और ठेठ देसी संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने तैयार किया था। उन्होंने वेस्टर्न बीट्स के साथ पारंपरिक ढोल और कांगो का ऐसा फ्यूजन किया कि गाना तुरंत चार्टबस्टर बन गया। वहीं इस गाने के मजेदार और जुबान पर चढ़ जाने वाले बोल समीर ने लिखे थे।
इस गाने में गाने के बोल के साथ-साथ इसके बीट्स और इसके डांस के लिए इसे याद किया जाता है। गाने में शिल्पा शेट्टी ने अपने हुस्न की बिजलियां गिराईं। यही वजह है कि शिल्पा के ठुमकों पर हर कोई झूमने लगा। लेकिन ये जानकार आप हैरान रह जाएंगे कि इस गाने को बिना कॉरियोग्राफी के तैयार किया गया था।
दरअसल इस गाने के कॉरियोग्राफर अहमद खान थे। अहमद खान ने शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) को गाने में ऐसे ही लटके-झटके मारने को कहा था। खुद एक इंटरव्यू में शिल्पा शेट्टी ने बताया था कि, उन्हें इस गाने में अहमद खान ने कोई स्टेप्स नहीं दिए थे, बल्कि उन्होंने अपने हिसाब से ही लटके-झटके लगाए और डांस किया, जिसके लिए कोई कॉरियोग्राफी नहीं की गई थी। यह गाना आज भी दर्शकों के बीच इतना हिट है और यूपी-बिहार से लेकर पूरे देश में शादी से लेकर पार्टियों में यह गाना (Wedding Songs) बजता है।




