कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष नेतृत्व को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है।
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ऋतब्रत बनर्जी के अनुसार साल 2026 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) समेत टीएमसी के 14 बड़े नेताओं को हराने की साजिश रची गई थी। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी योजना पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर उनके कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय से बनाई गई थी।
आइए आसान और स्पष्ट भाषा में समझते हैं ऋतब्रत बनर्जी के इस बड़े दावे और पूरे घटनाक्रम की मुख्य बातें।
अभिषेक के दफ्तर कैमक स्ट्रीट से बनी थी योजना:
एक समाचार पत्र को दिए गए अपने इंटरव्यू में ऋतब्रत बनर्जी ने कई गंभीर आरोप लगाए।
- साजिश का केंद्र: ऋतब्रत का कहना है कि ममता बनर्जी को चुनाव में हराने की पूरी रणनीति अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट दफ्तर में तैयार की गई थी।
- पर्याप्त सबूत मौजूद: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास इस दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य (Evidence) मौजूद हैं।
- अदालत जाने की तैयारी:
- जरूरत पड़ने पर इन सभी सबूतों को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
पार्टी और सरकार पर नियंत्रण हासिल करने की थी मंशा:
ऋतब्रत बनर्जी ने इस कथित योजना के पीछे के मुख्य उद्देश्य का भी खुलासा किया है।
- ममता को हराना मुख्य लक्ष्य:
- योजना का मुख्य मकसद ममता बनर्जी को चुनाव में हराकर संगठन और सरकार पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल करना था।
- अंदरूनी तौर पर काम रोकने की साजिश:
- इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में टीएमसी के पोलिंग एजेंटों को बूथों पर जाने से रोका गया और मुख्य कार्यकर्ताओं को काम करने से निष्क्रिय कर दिया गया।
- 14 उम्मीदवारों की सूची:
- ऋतब्रत का दावा है कि उनके पास उन सभी 14 टीएमसी उम्मीदवारों के नाम हैं जिन्हें हराने का प्लान था, हालांकि उन्होंने अभी पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की है।

भवानीपुर चुनाव और ममता बनर्जी की हार से कनेक्शन:
साल 2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
- अनियमितता के आरोप:
- चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने भी मतदान प्रक्रिया में बड़ी अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
- पोलिंग एजेंटों को रोकना:
- ममता बनर्जी ने भी कहा था कि उनके एजेंटों को कई पोलिंग बूथों के अंदर नहीं जाने दिया गया था।
- ऋतब्रत के दावे से जुड़ाव:
- ऋतब्रत के इस नए दावे के बाद अब ममता बनर्जी के पुराने आरोपों और इस अंदरूनी रणनीति के बीच संबंध को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।
- ऋतब्रत बनर्जी के इन सनसनीखेज दावों ने पश्चिम बंगाल के सियासी पारे को चढ़ा दिया है।
- हालांकि अभिषेक बनर्जी या टीएमसी की तरफ से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
- इसके अलावा दोनों घटनाओं के बीच सीधे संबंधों की कोई स्वतंत्र पुष्टि भी सामने नहीं आई है।
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