लाइफस्टाइल डेस्क। मानसून के सीजन में बुखार (Fever), बदन दर्द और सिर दर्द एक आम समस्या है। कई लोग इससे राहत पाने के लिए ओवर द काउंटर पेनकिलर लेते हैं। हालांकि, अगर आप बुखार, उल्टी-दस्त और कम तरल पदार्थ पीने की वजह से पहले से डिहाइड्रेटेड हैं तो ऐसे समय में पेनकिलर खाने से किडनी पर दबाव पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें-बारिश के मौसम में स्ट्रीट फूड खाने वाले सावधान, बढ़ सकता है लिवर इन्फेक्शन का खतरा
हमें इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक, नेप्रोक्सेन, और एस्पिरिन जैसी नॉन स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं (NSAIDs) लेते समय सावधान रहना चाहिए। ये सभी दवाएं किडनी में ब्लड फ्लो कम कर चोट का खतरा बढ़ा सकती हैं। वहीं, डेंगू के मामले में भी नॉन स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटरी दवाएं ब्लीडिंग जैसे जोखिम के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। इन दवाओं को सिर्फ इसलिए नहीं लिया जाना चाहिए कि बुखार और बदन दर्द है।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर एक पेनकिलर सेहत के लिए हानिकारक है या फिर बुखार में कोई दवा ही नहीं ली जानी चाहिए। बुखार, सही खुराक, उम्र और सेहत से जुड़ी समस्याएं या कोई और दवा के सेवन को ध्यान में रखते हुए दवा लेने में ही समझदारी है।
डॉक्टरों द्वारा अक्सर डेंगू के बुखार और बदन दर्द में पैरासिटामोल लेने की सलाह दी जाती है। इसमें भी सही खुराक का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखना जाना चाहिए कि कहीं कोल्ड और फ्लू की दवा में तो पहले से पैरासिटामोल नहीं ले रहे।
Tag: #nextindiatimes #Fever #Monsoon




