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शनिवार, अगस्त 1, 2026

प्रधानमंत्री को गाली देने पर कौन सी धारा लगती है, मिलती है इतनी सजा

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इन वीडियो में कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दिए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ ली।

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इसी बीच प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी ने देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वह गाली देने वाले बच्चों को माफ करना चाहते हैं। दरअसल जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान नोएडा की रहने वाली रुचिका सिंह (Ruchika Singh) का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत केस दर्ज किया।

भारतीय न्याय संहिता के तहत हर मामले में एक जैसी सजा तय नहीं होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि गाली या आपत्तिजनक टिप्पणी किस परिस्थिति में दी गई, उसका उद्देश्य क्या था और उससे क्या असर पड़ा। अगर मामला शांति भंग करने, मानहानि, धमकी या महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़ा पाया जाता है तो संबंधित धाराओं के अनुसार 2 साल तक, कुछ मामलों में 7 साल तक की सजा का प्रावधान हो सकता है। किसी भी मामले में अंतिम फैसला जांच और अदालत के तथ्यों के आधार पर ही तय होता है।

लगती है ये धारा:

-अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी का अपमान इस इरादे से करता है कि सामने वाला उकस जाए, शांति भंग हो या कोई अपराध हो जाए, तो BNS की धारा 352 लागू हो सकती है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 2 साल की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

-अगर अपमानजनक भाषा के साथ किसी व्यक्ति को उसकी जान, संपत्ति या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी जाती है, तो मामला BNS की धारा 351 के तहत आ सकता है। इसमें सामान्य मामलों में 2 साल तक की जेल हो सकती है, जबकि गंभीर धमकी वाले मामलों में 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

-अगर किसी व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए उसके बारे में सार्वजनिक रूप से झूठे या मानहानि वाले आरोप लगाए जाते हैं, तो BNS की धारा 356 लागू हो सकती है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर 2 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

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