स्पोर्ट्स डेस्क। वजन बनाए रखने के लिए लगातार दो दिन तक कुछ नहीं खाया। प्रतियोगिता से एक रात पहले तिरंगे के रंगों वाले रिबन से खुद तितली के आकार की हेयर क्लिप बनाई। मंच पर उतरते ही पहले प्रयास में असफल रहीं लेकिन हिम्मत नहीं हारी। फिर रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड तोड़ते हुए लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
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पोडियम पर जब तिरंगा सबसे ऊपर लहरा रहा था और पूरा स्टेडियम भारतीय राष्ट्रगान से गूंज रहा था, तब मीराबाई चानू की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। यह सिर्फ एक स्वर्ण पदक की कहानी नहीं थी, बल्कि देशभक्ति, त्याग, संघर्ष और अदम्य जज्बे की ऐसी मिसाल थी, जिसने फिर उन्हें भारतीय भारोत्तोलन की सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार कर दिया।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई चानू का मुकाबला किसी अन्य खिलाड़ी से कम और खुद अपने प्रदर्शन से ज्यादा था। उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम भार उठाकर कुल 190 किलोग्राम का वजन उठाया।

भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतकर अपनी हैट्रिक पूरी की। प्रतियोगिता की शुरुआत में ही उन्होंने सबसे अधिक 82 किग्रा वजन चुना, जिससे वे मुकाबला करने देर से मैदान में उतरीं।
इस बीच नाइजीरिया और श्रीलंका की प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी असफल होकर बाहर हो गईं। इससे पहले मीरबाई चानू ने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) में एक नया और अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान पहले प्रयास में 82 किलोग्राम वजन उठाकर रिकॉर्ड बनाया और फिर अगले ही प्रयास में 85 किलोग्राम भार उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।
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