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शनिवार, जुलाई 18, 2026

बोबा टी के शौकीनों के लिए रेड अलर्ट, इसके साइड इफेक्ट्स उड़ा देंगे होश

लाइफस्टाइल डेस्क। बोबा टी (Boba tea) जिसे हम बबल टी भी कहते हैं, इन दिनों रेस्टोरेंट या कैफे में लोगों की पसंदीदा बन गई है। लोग इसे एक ट्रेंड के तौर पर पीना पसंद कर रहे हैं लेकिन इसके फायदे-नुकसान के बारे में मुश्किल ही कोई जानता है। सबसे पहले बात करते हैं इस ड्रिंक के बारे में तो बताते चलें कि यह बबल वाली टी ताइवान की एक खास ड्रिंक है, जिसकी शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी।

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इसे आमतौर पर बनाने के लिए दूध और टैपिओका पर्ल्स का इस्तेमाल किया जाता है। आज वर्ल्ड फेमस हो चुकी इस बोबा टी के मार्केट में बहुत तरह के फ्लेवर उपलब्ध हैं। बोबा टी में विटामिंस और मिनरल्स बहुत कम मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें फोलेट, कैल्शियम और आयरन जैसे पोषक तत्व बहुत सीमित मात्रा में होते हैं।

बबल से बनने वाली यह टी कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होती है। इसे पीने पर तुरंत एनर्जी तो मिलती है लेकिन शुगर ज्यादा होने की वजह से डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। वहीं ग्रीन, ब्लैक और ओलोंग बोबा टी कैंसर, डायबिटीज और दिल की बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करती हैं। शुगर से भरपूर बोबा टी नॉन अल्कोहोलिक फैटी लीवर की बीमारी का खतरा भी बढ़ाती हैं।

कई रिपोर्ट तो यह भी दावा करती हैं कि लंबे समय तक इस टी के सेवन से सोचने-समझने की क्षमता कमजोर होती जाती है। कई प्रकार के कैंसर का जोखिम भी बना रहता है। घर पर बोबा टी तैयार करते समय शुगर का हेल्दी ऑप्शन चुनें। इसमें नेचुरल स्वीटनर जैसे शहद या खजूर को डाला जा सकता है। टैपिओका पर्ल्स की जगह चिया सीड्स, साबूदाना या फ्रूट जेली को शामिल किया जा सकता है। अगर किसी रेस्टोरेंट या कैफे में इसे ऑर्डर कर रहे हैं तो उनसे हेल्दी ऑल्टरनेटिव की बात की जा सकती है और या फिर काभी-कभी सिर्फ शौक के लिए पीना भी इतना नुकसानदायक नहीं है।

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