43.3 C
Lucknow
सोमवार, जून 22, 2026

भारत में यहां की पुलिस करती है सबसे ज्यादा एनकाउंटर, जानें कौन है नंबर-1?

डेस्क। बिहार के भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ (Encounter) के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत ने एक बार फिर से अपराधियों और कानून की इस जंग पर देशव्यापी बहस छेड़ दी है। कोई इस कार्रवाई को सही बता रहा है तो कोई पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में यहां यह समझना जरूरी हो गया है कि आखिर भारत के किस राज्य की पुलिस अपराधियों को ढेर करने के मामले में टॉप पर है?

यह भी पढ़ें-पटना में फायरिंग करते घर में घुसे बदमाश; 4 थानों की पुलिस व STF ने घेरा, 2 अरेस्ट

संगठित अपराध और बड़े-बड़े माफियाओं के खिलाफ सीधी और कड़ी कार्रवाई करने के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले नंबर पर है। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए पुलिस को यहां खुली छूट है। सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि मार्च 2017 से लेकर अब तक, यानि पिछले लगभग नौ सालों के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुधारने के नाम पर 17,430 से भी ज्यादा पुलिस एनकाउंटर दर्ज किए गए हैं, जो देश के किसी भी अन्य राज्य के मुकाबले सबसे ज्यादा है।

सरकारी आंकड़ों की मानें तो इन 17400 से ज्यादा एनकाउंटरों में अब तक 289 खूंखार और इनामी अपराधी मार गिराए गए हैं। हालांकि इन मुठभेड़ों का मकसद सिर्फ जान लेना नहीं, बल्कि इनके जरिए भारी संख्या में गिरफ्तारियां भी हुई हैं। पुलिस की इस अक्रामक रणनीति के डर से या तो 34,250 से ज्यादा आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, या फिर उन्होंने खुद डरकर थानों में सरेंडर कर दिया है। अकेले साल 2025 की बात करें तो उस एक साल में ही 48 अपराधी मारे जा चुके हैं।

साल 2024 की एक रिपोर्ट की मानें तो देश में सबसे ज्यादा एनकाउंटर करने वाले टॉप पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ असम, मणिपुर, झारखंड और बिहार राज्य शामिल हैं। हालांकि इन राज्यों में एनकाउंटर की वजहें और हालात एकदम अलग हैं। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में पुलिस का सामना सीधे तौर पर पेशेवर अपराधियों शूटरों और बड़े माफियाओं से होता है। वहीं दूसरी ओर असम, मणिपुर और झारखंड जैसे राज्यों में पुलिस और सेना के एनकाउंटर ज्यादातर उग्रवादियों, अलगाववादियों और नक्सलियों के खिलाफ होते हैं।

Tag: #nextindiatimes #Encounter #UttarPradesh

RELATED ARTICLE