डेस्क। भगवंत मान की नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा उनकी Y+ श्रेणी की सुरक्षा घटाई जाने के बाद केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया और हरभजन सिंह के आवास के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को तैनात किया है। यह कदम बढ़ते तनाव और हालिया विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया है।
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नई व्यवस्था के तहत हरभजन सिंह को लगभग 22 सुरक्षाकर्मियों का सुरक्षा घेरा दिया गया है। इनमें से लगभग 4% से 6% सीआरपीएफ कमांडो हैं। ये कमांडो मुख्य रूप से उनकी करीबी सुरक्षा और किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए जिम्मेदार हैं। यह सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कमांडो तक ही सीमित नहीं है। इसमें सशस्त्र पुलिसकर्मी और एस्कॉर्ट वाहन भी शामिल हैं। ये एक बहु स्तरीय सुरक्षा प्रणाली बनाते हैं जिसे अलग-अलग प्रकार के सुरक्षा जोखिमों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है।

CRPF का सुरक्षा घेरा दिल्ली और पंजाब दोनों जगह पर सक्रिय रहेगा। इससे यात्रा के दौरान और प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान हरभजन सिंह की सुरक्षा मजबूत हो पाएगी। यह दो राज्यों में दी जा रही सुरक्षा इस बात को दर्शाती है कि खतरे को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है।
इससे पहले पंजाब की भगवंत मान सरकार ने हरभजन सिंह को दी Y+ श्रेणी की सुरक्षा में कटौती कर दी थी। हरभजन सिंह के साथ तैनात 4 कमांडो, 5 पुलिसकर्मी और एक वाहन वापस ले लिया गया था। दरअसल यह फैसला राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा हटाए जाने और जालंधर स्थित उनके आवास के बाहर हुए लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया है। ऐसी ही एक घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उनके घर पर नारे लिख दिए थे।
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