डेस्क। दुनिया भर में बीयर, वाइन, व्हिस्की और वोडका जैसे पेय पदार्थों की खपत बड़े पैमाने पर होती है, जिनमें अल्कोहल (alcohol) का प्रतिशत अलग-अलग तय रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विश्व में एक ऐसी व्यावसायिक स्पिरिट भी मौजूद है, जिसमें अल्कोहल की मात्रा 96 प्रतिशत तक होती है?
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यूरोप के पोलैंड देश में तैयार की जाने वाली ‘स्पिरिटस रेक्टिफिकोवानी‘ को दुनिया की सबसे कड़क कमर्शियल शराब माना जाता है। इतनी अत्यधिक ताकत वाली इस स्पिरिट को सामान्य पेय की तरह सीधे पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।
1. दुनिया की सबसे तेज शराब कैसे बनती है?
पोलैंड में बनने वाली ‘स्पिरिटस रेक्टिफिकोवानी’ में अल्कोहल की सांद्रता करीब 96 प्रतिशत होती है।
- सांद्रता का पैमाना:
- इसे व्यावहारिक रूप में समझें तो इसके 100 मिलीलीटर लिक्विड में 96 मिलीलीटर शुद्ध एथेनॉल शामिल होता है।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों पर इसे 192 प्रूफ का दर्जा दिया गया है।
- अन्य शराबों से तुलना:
- यदि इसकी तुलना अन्य शराबों से करें तो सामान्य बीयर में 4 से 8 फीसदी, वाइन में 10 से 15 फीसदी और व्हिस्की, वोडका या रम में केवल 35 से 45 प्रतिशत ही अल्कोहल होता है।
2. क्या इसे सीधे ग्लास में डालकर पीना सुरक्षित है?
इतने ज्यादा अल्कोहल प्रतिशत वाली स्पिरिट को किसी भी स्थिति में सीधे पीना सुरक्षित नहीं माना जाता है।

- शरीर पर प्रभाव:
- अत्यधिक कड़क होने के कारण इसे निगलते ही गले और पेट की अंदरूनी नसों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
- अल्कोहल पॉइजनिंग का खतरा:
- सीधा सेवन करने से शरीर में अचानक अल्कोहल का स्तर बहुत बढ़ जाता है, जिससे तुरंत अल्कोहल पॉइजनिंग यानी विषाक्तता का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। यही कारण है कि इसे सामान्य सर्विंग ड्रिंक की श्रेणी में नहीं रखा जाता और इसे सीधे न पीने की सख्त चेतावनी दी जाती है।
3. इस कड़क स्पिरिट का सही इस्तेमाल क्या है?
बेहद तेज होने के बावजूद इस स्पिरिट का व्यावसायिक उत्पादन खास उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
- बेसबॉल और बेस के रूप में:
- इसका मुख्य उपयोग होममेड फ्रूट लिकर,
- हर्बल ड्रिंक्स और पारंपरिक औषधीय अर्क तैयार करने के लिए एक बेस के रूप में होता है।
- बेकरी और व्यंजन:
- इसके अलावा बेकरी और बेहतरीन व्यंजनों में विशेष फ्लेवर देने के लिए भी इसकी बहुत थोड़ी और नियंत्रित मात्रा का इस्तेमाल किया जाता है। किसी भी इस्तेमाल के दौरान इसकी मात्रा का सही संतुलन बनाए रखना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी होता है।
4. दुनिया की अन्य सबसे कड़क शराबें
दुनिया में 96 फीसदी वाली पोलिश स्पिरिट के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ताकतवर शराबों में अमेरिका की ‘एवरक्लियर 190’ और ‘गोल्डन ग्रेन 190’ का नाम आता है।
- इन दोनों ही स्पिरिट्स में अल्कोहल की मात्रा लगभग 95 प्रतिशत यानी 190 प्रूफ होती है।
- ये दोनों ड्रिंक भी बेहद ज्वलनशील और कड़क होते हैं। कई देशों और अमेरिकी राज्यों में सुरक्षा कारणों से 95 फीसदी से अधिक अल्कोहल वाली स्पिरिट्स की सीधी बिक्री पर सख्त कानूनी नियम या प्रतिबंध भी लागू हैं।
5. शराब में इतना अधिक अल्कोहल कैसे बनता है?
किसी भी शराब को बनाने में किण्वन यानी फर्मेंटेशन और आसवन यानी डिस्टिलेशन तकनीक का इस्तेमाल होता है।
- वैज्ञानिक सीमा:
- फर्मेंटेशन में शर्करा को एथेनॉल में बदला जाता है, जिसके बाद बार-बार डिस्टिलेशन करके पानी से अल्कोहल को अलग किया जाता है और उसकी सांद्रता बढ़ाई जाती है।
- हालांकि, भौतिक और रासायनिक सीमाओं के कारण सामान्य डिस्टिलेशन से 95.6 प्रतिशत से अधिक शुद्ध अल्कोहल और पानी का मिश्रण अलग नहीं किया जा सकता। इसी वैज्ञानिक सीमा के कारण दुनिया में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध सबसे तेज स्पिरिट 96 प्रतिशत के आसपास ही टिकती है।
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