चोर समझकर ग्रामीणों ने पीटा, पुलिस अभिरक्षा से 15-20 मिनट में भागा संदिग्ध

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में पुलिस (police) की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला उस्का बाजार थाना क्षेत्र के भिटिया गांव का है, जहां चोरी के आरोप में ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया एक संदिग्ध युवक पुलिस की हिरासत से महज 15 से 20 मिनट के भीतर ही फरार हो गया। इस घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की चौकसी और अभिरक्षा मानकों की पोल खोल दी है।

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पूरी घटना का घटनाक्रम:

भिटिया गांव में यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब संदिग्ध व्यक्ति पंचायत भवन की छत के रास्ते स्थानीय निवासी मनोज कुमार के घर में घुस गया। आहट पाकर जब परिवार के लोग जागे, तो आरोपी ने भागने की कोशिश की। इस दौरान ग्रामीणों और संदिग्ध के बीच हाथापाई हुई, जिसमें वह घायल हो गया।

  • ग्रामीणों की मुस्तैदी:
  • सतर्क ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए संदिग्ध को दबोच लिया और एहतियात के तौर पर उसे रस्सी से बांध दिया।
  • डायल 112 की भूमिका:
  • ग्रामीणों ने तुरंत मदद के लिए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
  • आरोप है कि पुलिस के निर्देश पर ही ग्रामीणों ने घायल युवक को अपने निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया।
  • थाने में लापरवाही:
  • अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराने के बाद युवक को उस्का बाजार थाने लाया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि थाने पहुंचने के कुछ ही मिनटों बाद वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गया।

ग्रामीणों के गंभीर आरोप और बरामदगी:

गांव के रहने वाले ऐश मोहम्मद का दावा है कि पकड़े जाने के बाद पूछताछ में संदिग्ध ने उनके घर पर हुई पिछली चोरी की वारदात को भी कबूल किया था। वहीं, शिकायतकर्ता मनोज कुमार के अनुसार, तलाशी के दौरान संदिग्ध के पास से एक मोबाइल फोन और 2,440 रुपये नकद बरामद हुए थे। मनोज ने यह भी आरोप लगाया कि भागने की कोशिश के दौरान संदिग्ध ने उनकी मां को दांत काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े होते सवाल:

इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और कई बड़े सवाल अनुत्तरित हैं:

  • जब आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था, तो वह पुलिस की निगरानी से कैसे भागा?
  • घायल और संदिग्ध हालत में होने के बावजूद उसे अस्पताल ले जाने से लेकर थाने में सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी?
  • क्या पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते संदिग्ध को भागने का मौका मिला?

फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस विभाग की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और फरार संदिग्ध की तलाश जारी है। यह देखना अहम होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय करते हैं और फरार आरोपी को कब तक दोबारा गिरफ्तार किया जाता है।

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