रूम फ्रेशनर की खुशबू से हो सकती है ये खतरनाक बीमारी, रहें सावधान

लाइफस्टाइल डेस्क। आज के समय में ज्यादातर लोग अपने घर, कमरे और ऑफिस को हमेशा महकता हुआ रखने के लिए तरह-तरह के रूम फ्रेशनर या एयर फ्रेशनर का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं। कई लोगों के लिए यह अपनी मानसिक सेहत (Mental Health) को तरोताजा रखने और मूड को ठीक करने का एक बहुत आसान जरिया भी माना जाता है लेकिन बहुत कम लोग इस कड़वी सच्चाई से वाकिफ हैं कि आपकी सांसों में घुलने वाली यह कृत्रिम खुशबू सेहत के लिए कई मामलों में बेहद हानिकारक साबित हो सकती है।

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आइए विस्तार से जानते हैं कि रूम फ्रेशनर हमारी सेहत को किस प्रकार नुकसान पहुँचाते हैं और इनकी जगह कौन-से प्राकृतिक विकल्प अपनाए जा सकते हैं।

सेहत के लिए क्यों और कैसे हानिकारक है रूम फ्रेशनर?

बाजार में मिलने वाले इन खुशबूदार स्प्रे (room fresheners) या लिक्विड प्रोडक्ट्स में कई तरह के खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके सीधे संपर्क में आने से शरीर को कई प्रकार की गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है:

  • सिर दर्द और माइग्रेन:
  • तेज और सिंथेटिक खुशबू के लगातार संपर्क में रहने से दिमाग की नसों पर दबाव पड़ता है,
  • जिससे अक्सर तेज सिर दर्द या माइग्रेन का अटैक शुरू हो सकता है।
  • घबराहट और बेचैनी:
  • इनमें मौजूद हानिकारक रसायन नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं,
  • जिससे अचानक घबराहट और मानसिक असहजता महसूस हो सकती है।
  • चक्कर और मतली:
  • इनकी घुटन भरी महक कई बार जी मिचलाने, उल्टी जैसी इच्छा और चक्कर आने की समस्या का मुख्य कारण बन जाती है।
  • आंख, नाक और गले में जलन:
  • इन केमिकल्स के कण हवा में तैरते रहते हैं, जो सांस के जरिए शरीर में जाकर आंख, नाक और गले में तेज जलन या चुभन पैदा करते हैं।
  • सांस लेने में गंभीर परेशानी:
  • अस्थमा या सांस के अन्य रोगियों के लिए ये स्प्रे और एरोसोल जहर के समान काम करते हैं,
  • जिससे सांस फूलने की दिक्कत बढ़ सकती है।
  • बार-बार खांसी या छींक आना:
  • हवा में मौजूद इन जहरीले तत्वों के कारण श्वसन तंत्र प्रभावित होता है,
  • जिससे व्यक्ति को बार-बार लगातार खांसी और छींक आने की शिकायत होने लगती है।

रूम फ्रेशनर में पाए जाने वाले खतरनाक केमिकल्स:

रूम फ्रेशनर से लगातार कई तरह के जहरीले रसायन रिलीज होते रहते हैं,

जो न केवल हमारे हार्मोन्स को असंतुलित करते हैं बल्कि फेफड़ों तक को भारी नुकसान पहुँचाने की क्षमता रखते हैं:

  1. वोलेटाइल ऑर्गैनिक कंपाउंड्स (VOCs):
  2. लगभग सभी कमर्शियल एयर फ्रेशनर में वोलेटाइल ऑर्गैनिक कंपाउंड्स नामक केमिकल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह हवा में तुरंत घुलकर खुशबू फैलाने का काम करता है। हालांकि इससे कमरा तो महक उठता है, लेकिन इसमें मौजूद एसीटोन, एथेनॉल और लिमोनीन जैसे तत्व हमारे फेफड़ों, आंखों और गले के नाजुक ऊतकों में जलन पैदा कर सकते हैं।
  3. थैलेट्स (Phthalates):
  4. किसी भी सेंट या परफ्यूम की खुशबू को लंबे समय तक टिकए रखने के लिए फॉर्मूले में थैलेट्स मिलाए जाते हैं। यह केमिकल हमारे शरीर के अंतःस्रावी तंत्र यानी हार्मोन्स को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इतना ही नहीं, इनका रोजाना इस्तेमाल महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य (Reproductive Health) पर भी बहुत बुरा और नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

रूम फ्रेशनर के बजाय अपनाएं ये सुरक्षित और नेचुरल विकल्प:

अगर आप अपने स्वास्थ्य पर बिना किसी खतरे के अपने घर और कमरे में प्राकृतिक खुशबू और ताजगी बनाए रखना चाहते हैं,

तो केमिकल वाले प्रोडक्ट्स की जगह पूरी तरह से सुरक्षित नेचुरल विकल्पों को चुन सकते हैं:

  • एसेंशियल ऑयल डिफ्यूजर:
  • लैवेंडर, पेपरमिंट, सैंडलवुड (चंदन), जैस्मिन (चमेली) और टी ट्री ऑयल जैसे नेचुरल एसेंशियल ऑयल से बने डिफ्यूजर का इस्तेमाल करना एक बेहद बेहतरीन और सेहतमंद विकल्प है।
  • बेकिंग सोडा और सिरका का कमाल:
  • कमरे की बदबू और सीलन को दूर करने के लिए बेकिंग सोडा और सिरका बहुत असरदार साबित होते हैं। इसके लिए एक छोटी सी कटोरी में 2 से 3 चम्मच बेकिंग सोडा लेकर उसमें एसेंशियल ऑयल की 4-5 बूंदें मिलाकर कमरे के किसी कोने में रख दें।
  • नींबू और लौंग का नुस्खा:
  • एक बहुत ही आसान घरेलू तरीका यह भी है कि आप एक आधा नींबू लें और उसमें 4 से 5 लौंग को अच्छी तरह चुभोकर कमरे के किसी कोने में रख दें। आप खुद देखेंगे कि कुछ ही देर में कमरे से सारी बदबू छूमंतर हो जाएगी और एक हल्की महक बनी रहेगी।

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