सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित सोहास-नौगढ़ मार्ग पर एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मार्ग पर स्थित जगदीशपुर मोड़ के पास एक तेज रफ्तार बस (bus) और ट्रैक्टर की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई।
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टक्कर इतनी भयानक थी कि ट्रैक्टर के पूरी तरह परखच्चे उड़ गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
हालांकि,
इस भयंकर हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि
दोनों वाहनों के चालक बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।
कैसे हुआ यह हादसा?
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, सोहास-नौगढ़ मार्ग पर जगदीशपुर मोड़ के पास बस और ट्रैक्टर अचानक आमने-सामने आ गए थे। दोनों ही वाहन काफी तेज गति में थे, जिसके कारण वाहन चालकों को संभलने का मौका नहीं मिला और यह जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में ट्रैक्टर को सबसे ज्यादा भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। हालांकि चालकों की जान सुरक्षित बच गई, लेकिन इस घटना ने इस रास्ते पर सफर करने वाले यात्रियों और स्थानीय राहगीरों के मन में डर पैदा कर दिया है।

मार्ग पर मौजूद हैं करीब 20 खतरनाक मोड़:
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सोहास-नौगढ़ मार्ग पर अकेले लगभग 20 खतरनाक मोड़ मौजूद हैं, जहां से गुजरते समय वाहन चालकों को अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। इन तीखे और खतरनाक मोड़ों के कारण इस रूट पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होना आम बात बन गई है। पिछले एक साल के भीतर इस मार्ग पर कई गंभीर और डरावने हादसे होने की बात भी सामने आई है।
ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं और शिकायतों के बावजूद सड़क के इन खतरनाक मोड़ों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं। मोड़ों पर संकेतक बोर्ड और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण यह मार्ग लगातार हादसों का केंद्र बनता जा रहा है।
शिकायतों के बाद भी आश्वासन:
स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के अनुसार, इस जर्जर और खतरनाक मार्ग की समस्याओं को लेकर शासन व संबंधित प्रशासन के अधिकारियों से कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं।
इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है,
जिससे आम जनता और स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।
लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन खतरनाक मोड़ों की पहचान कर इन्हें चौड़ा या सुरक्षित किया जाए,
तो भविष्य में होने वाली अनहोनी को टाला जा सकता है।
बड़े हादसे का इंतजार क्यों?
जगदीशपुर मोड़ की इस घटना में चालकों का सुरक्षित बच जाना एक संयोग था, लेकिन हर बार ऐसी किस्मत साथ दे यह जरूरी नहीं है। इस घटना के बाद अब यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि प्रशासन किसी बड़े और प्राणघातक हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है?
अब स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि:
- इस पूरे मार्ग का उच्च अधिकारियों द्वारा शीघ्र निरीक्षण कराया जाए।
- सभी खतरनाक मोड़ों पर स्पष्ट चेतावनी संकेत (Warning Signs) और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
- जरूरत के अनुसार सड़क सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम जल्द से जल्द दुरुस्त किए जाएं।
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