एजुकेशन डेस्क। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET यूजी 2026 एक बार फिर विवादों में है। परीक्षा से पहले कथित पेपर लीक की खबरें और कई राज्यों में संदिग्ध गतिविधियों के सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। इस पूरे मामले में लाखों छात्रों और अभिभावकों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद नीट जैसी हाई प्रोफाइल परीक्षा के पेपर लीक कैसे हो जाते हैं?
यह भी पढ़ें-NEET UG का पेपर लीक होने के दावे, NTA ने बताया क्या है सच?
नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का प्रश्न पत्र तैयार करना बहुत गोपनीय प्रक्रिया मानी जाती है। इसके लिए एनटीए देश भर के वरिष्ठ प्रोफेसर, साइंटिस्ट और सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की एक गुप्त टीम बनता है। यह सभी एक्सपर्ट्स सख्त गोपनीय नियमों के तहत काम करते हैं। पूरा पेपर एनसीईआरटी सिलेबस के आधार पर तैयार किया जाता है।
पहले हजारों सवालों का एक बड़ा क्वेश्चन बैंक बनाया जाता है, जिसमें आसान, मीडियम और कठिन स्तर के प्रश्न शामिल रहते हैं। इसके बाद एक्सपर्ट टीम अंतिम प्रश्नों का चयन करती है ताकि परीक्षा में संतुलन बना रहे। आमतौर पर करीब 30 प्रतिशत सवाल बेसिक थ्योरी और फार्मूला पर आधारित होते हैं। लगभग 50 प्रतिशत प्रश्न कॉन्सेप्ट और एप्लीकेशन आधारित रखे जाते हैं, जबकि 20 प्रतिशत सवाल कठिन और विश्लेषणात्मक स्तर के होते हैं।

प्रश्न पत्र तैयार होने के बाद उसे हाई सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस में भेजा जाता है। एनटीए केवल उन्हीं प्रिंटिंग प्रेस को यह जिम्मेदारी देता है जो सुरक्षा ऑडिट और तकनीक जांच में पास होते हैं। पेपर छपाई वाले परिसर को पूरी तरह नो नेटवर्क जॉन बनाया जाता है। यहां मोबाइल फोन, कैमरा और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की अनुमति नहीं होती है।
नीट जैसे बड़े एग्जाम के प्रश्न पत्र की सुरक्षा के लिए कई हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। हर प्रश्न पत्र पर एक यूनिक कोड या वाटर मार्क लगाया जाता है। इससे किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में यह पता लगाया जा सकता है कि पेपर किस सेंटर या कमरे से बाहर आया है। प्रश्न पत्र को सील करने के बाद जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों से स्ट्रांग रूम और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता है।
हर मूवमेंट रिकॉर्ड होते हैं। पेपर रखने वाले बॉक्स, डिजिटल लॉक से बंद रहते हैं। इन्हें केवल तय समय पर ओटीपी और अधिकृत अधिकारियों की मौजूदगी में ही खोला जा सकता है। अगर सफाई के दौरान कोई कॉपी खराब हो जाती है तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाता है, ताकि उसका दुरुपयोग न हो सके।
Tag: #nextindiatimes #NEETUG2026 #NEET




