32 C
Lucknow
Saturday, May 2, 2026

क्या भारत में क्राइम है ई-सिगरेट पीना, जानें क्या कहता है कानून?

डेस्क। हाल ही में रियान पराग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर उन्हें ड्रेसिंग रूम में Vaping करते हुए देखा गया है। इसके बाद पूरे देश में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या भारत में वेपिंग असल में गैर-कानूनी है?

यह भी पढ़ें-IPL में अंपायर या चीयरलीडर्स किसे मिलते हैं ज्यादा पैसे, जानें यहां

भारत में ई सिगरेट पर सिर्फ नियम कानून ही नहीं लागू होते बल्कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 के तहत इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित भी कर दिया गया है। सरकार ने यह कानून स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चिंताओं को देखते हुए लगाया है। युवाओं के बीच इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए निकोटिन की लत फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

यह कानून अपने दायरे में हर चीज को समेट लेता है। सिर्फ ई सिगरेट के इस्तेमाल को ही निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि ई सिगरेट से जुड़े लगभग हर पहलू पर यह नियम लागू है। इसमें इन उपकरणों का बनाना, इंपोर्ट करना, एक्सपोर्ट करना, एक जगह से दूसरी जगह ले जाना, बेचना, विज्ञापन करना और यहां तक कि उन्हें अपने पास रखना भी शामिल है।

सजा इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस तरह से इसमें शामिल हैं। जो लोग ई सिगरेट बनाने, बेचने या बांटने के काम में लगे हैं उन्हें पहली बार 1 साल तक की जेल, ₹100000 तक का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं।अगर वही जुर्म दोबारा किया जाता है तो 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ई सिगरेट को अपने पास रखना भी एक दंडनीय अपराध है। अगर कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो 6 महीने तक की जेल, ₹50000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

Tag: #nextindiatimes #Vaping #ECigarette

RELATED ARTICLE