डेस्क। असम के जोरहाट एयरपोर्ट पर भारतीय वायु सेना का एक विमान क्रैश हो गया। इस घटना में शामिल विमान एंटोनोव AN-32 था। यह सोवियत मूल का मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान है और दशकों से भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए लॉजिस्टिक्स के मामले में सबसे जरूरी साधनों में से एक रहा है। शुरुआती रिपोर्ट से यह पता चलता है कि घटना एयर बेस पर विमान के उतरने के कुछ ही समय बाद हुई।
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इस विमान की यूनिट कीमत लगभग 15 मिलियन डॉलर है। यह भारतीय मुद्रा में लगभग ₹125 करोड़ के बराबर है। हालांकि यह विमान मूल रूप से सोवियत संघ में बनाया गया था लेकिन मुश्किल हालात में भी प्रभावी ढंग से काम करने की अपनी क्षमता की वजह से यह भारतीय वायु सेना के ट्रांसपोर्ट ऑपरेशंस में बड़ी भूमिका निभाता है।
अपनी बहुमुखी प्रतिभा और भरोसमंद होने की वजह से इस विमान को अक्सर भारतीय वायु सेना का वर्कहॉर्स कहा जाता है। इसका इस्तेमाल सैनिकों को लाने ले जाने, सैन्य उपकरण ले जाने, दूर दराज के इलाकों में सामान पहुंचाने और देश भर में मानवीय व आपदा राहत कार्यों में मदद करने के लिए किया जाता है।

इस विमान के मुख्य कामों में से एक सैनिकों को ले जाना है। यह एक बार में 42 पैराट्रूपर्स या फिर लगभग 50 पूरी तरह से लैस सैनिकों को ले जा सकता है। इस क्षमता की वजह से भारतीय वायु सेना जरूरत पड़ने पर रणनीतिक स्थान पर तेजी से जवानों को तैनात कर सकती है। इस विमान को भारी सैन्य कार्गो ले जाने के लिए भी डिजाइन किया गया है। यह 6.7 से 7.5 टन तक के उपकरण ले जा सकता है। इसमें हथियार, गोला-बारूद, वाहन, इंजीनियरिंग का सामान और जरूरी राशन शामिल हैं।
इस विमान का एक बड़ा फायदा यह है कि यह पहाड़ी और ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में मौजूद मुश्किल और फील्ड से भी ऑपरेट कर सकता है। इस विमान का इस्तेमाल अक्सर सियाचिन, लेह, लद्दाख और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में किया जाता है। यहां मुश्किल रास्तों और खराब मौसम की वजह से दूसरे कई ट्रांसपोर्ट विमान का इस्तेमाल करना मुश्किल होता है।
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