सेहतमंद रहने के लिए कितनी नींद है जरूरी? यहां जानें सही जवाब

लाइफस्टाइल डेस्क। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद (sleep) से समझौता करना बहुत आम बात हो गई है। कोई सिर्फ 4-5 घंटे सो पा रहा है, तो कोई 10-12 घंटे सोने के बाद भी थकान महसूस करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कम या ज्यादा सोना आपकी बायोलॉजिकल उम्र (Biological Age) को तेजी से बढ़ा सकता है?

यह भी पढ़ें-वजन घटाने की दवाओं से पुरुषों में बढ़ जाता है ये रिस्क, रिसर्च में बड़ा दावा

लगभग 5 लाख लोगों पर की गई एक स्टडी से सामने आया है कि जरूरत से ज्यादा या कम सोने से समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, आप रोजाना कितने घंटे सो रहे हैं, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

कितने घंटे की नींद है सही?

रिसर्च के अनुसार, 6 घंटे से कम सोने वाले लोगों में किसी भी कारण से मौत का जोखिम 50% अधिक पाया गया। वहीं, 8 घंटे से ज्यादा सोने वालों में यह खतरा 40% देखा गया।

शरीर को स्वस्थ रखने और बायोलॉजिकल एज को संतुलित रखने के लिए नींद का सही दायरा यह है:

  • महिलाओं के लिए:
  • 6.5 से 7.8 घंटे की नींद सबसे बेहतर है।
  • पुरुषों के लिए:
  • 6.4 से 7.7 घंटे की नींद सबसे सही मानी गई है।

सही मात्रा में सोने से दिल, दिमाग, लिवर, इम्यून सिस्टम, स्किन, और पैनक्रियाज जैसे अंग सही तरीके से काम करते हैं।

दक्षिण एशियाई शहरों की स्थिति

दिल्ली, चेन्नई और कराची के 16,287 वयस्कों पर की गई एक स्टडी के अनुसार, एक वयस्क को औसतन 7.3 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है। हालांकि, वहां के आंकड़े चिंताजनक हैं:

  • 5.5% लोग:
  • 5 घंटे से भी कम सो पा रहे हैं।
  • 12.4% लोग:
  • 9 घंटे से ज्यादा सोते हैं।
  • 12% लोग:
  • इनसोम्निया (अनिद्रा) से पीड़ित हैं।
  • 14.5% लोग:
  • खर्राटों की समस्या से परेशान हैं।

नींद की गुणवत्ता (Sleep Quality) भी है जरूरी:

केवल बिस्तर पर बिताया गया समय ही काफी नहीं है; आपकी नींद कितनी गहरी और नियमित है, यह भी मायने रखता है। लगातार 6 घंटे से कम सोना या बहुत ज्यादा सोना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपकी नींद की क्वालिटी खराब है या शरीर में कोई अंदरूनी समस्या है।

बीमारियों से सीधा कनेक्शन

कम सोने से मेंटल हेल्थ, मेटाबॉलिज्म, दिल, फेफड़ों और पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, नींद में बार-बार खलल पड़ने से शरीर में सूजन (inflammation), हार्मोनल असंतुलन और टिश्यू रिपेयरिंग की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। सेहतमंद रहने के लिए आज ही अपनी स्लीप साइकिल को सुधारें!

Tag: #nextindiatimes #sleep #lifetsyle

RELATED ARTICLE