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Saturday, May 2, 2026

जनगणना के नाम पर हो सकता है फ्रॉड, ये डिटेल्स भूलकर भी न करें शेयर

डेस्क। जैसे-जैसे राष्ट्रीय जनगणना आगे बढ़ रही है, नागरिकों के लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि सही डेटा कलेक्शन और संभावित फ्रॉड के बीच फर्क कैसे किया जाए। धोखाधड़ी करने वाले ठग आधिकारिक जनगणना अधिकारी बनकर आपको धोखा देने और आपकी सेंसिटिव फाइनेंशियल और पर्सनल जानकारी निकलवाने की कोशिश कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें-जनगणना में मांगी जाती है ये डिटेल, जानें कितना लगता है समय

एक असली जनगणना (Census) कर्मचारी का मेन टारगेट स्पेसिफिक डेमोग्राफिक और घरेलू डेटा कलेक्ट करना होता है। स्टैंडर्ड प्रोसीजर के बारे में जागरूक होना आपकी पर्सनल जानकारी को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।

पूछे जाते हैं ये सवाल:

परिवार के सदस्यों की संख्या
बेसिक डिटेल्स: उम्र, लिंग, व्यवसाय
घर के मालिकाना हक का स्टेटस
घर में मौजूद उपकरण

ये पूछना सामान्य नहीं:

बैंक अकाउंट की डिटेल्स
आधार कार्ड नंबर
पैन कार्ड नंबर
ओटीपी (OTP – One-Time Password)

ऐसे बरतें सावधानी:

स्कैमर्स अक्सर आपकी डिवाइस या फाइनेंशियल सिक्योरिटी कॉम्प्रोमाइज करने के लिए डिजिटल तरीके अपनाते हैं। अगर जनगणना का दावा करने वाला कोई व्यक्ति आपसे इनमें से कोई भी काम करने को कहे, तो बहुत अलर्ट रहें।

अपनी डिटेल्स ‘कंफर्म’ करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करना।
जानकारी देने के लिए कोई एप डाउनलोड करना।
क्यूआर (QR) कोड स्कैन करना।

फ्रॉड के खिलाफ ऐसे लें एक्शन?

अगर आपको कोई संदिग्ध मैसेज मिलता है या आपको लगता है कि जनगणना से जुड़ी बातचीत फर्जी है, तो आपको Sanchar Saathi के जरिए Chakshu पोर्टल पर इस घटना की रिपोर्ट करनी चाहिए।

अगर आप पहले से ही फ्रॉड के शिकार हो चुके हैं, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
अपने अकाउंट्स को सुरक्षित करने के लिए बैंक से संपर्क करें।
cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
साइबर क्राइम नेशनल हेल्पलाइन पर अपराध की रिपोर्ट करने के लिए 1930 पर कॉल करें।

Tag: #nextindiatimes #Census #SancharSaathi

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