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गुरूवार, जुलाई 2, 2026

अब कर्मचारियों की इच्छा से कटेगा ₹1800 से ज्यादा PF, देखें क्या बदले नियम?

नई दिल्ली। प्रोविडेंट फंड (PF) में बड़ा बदलाव किया गया है। एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने कहा है कि कानूनी वेतन सीमा (जो अभी 15,000 रुपये प्रति माह है) तक 12% का योगदान अनिवार्य है।

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ईपीएफओ ने आगे कहा कि इससे ज्यादा कोई भी योगदान स्वैच्छिक (अपनी मर्जी से किया गया) माना जाएगा। भले ही आपकी बेसिक सैलरी 1 लाख रुपये प्रति माह हो, आपके पीएफ योगदान के तौर पर 1,800 रुपये काटे जाएंगे। साथ ही एम्प्लॉयर (नियोक्ता) भी उतना ही योगदान देगा। हालांकि आपके पास बची हुई सैलरी में से कुछ हिस्सा रिटायरमेंट सेविंग्स के लिए जमा करने का विकल्प भी होगा।

एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड्स स्कीम, 2026 के प्रावधानों के अनुसार, “कोई कर्मचारी कानूनी वेतन सीमा से ज्यादा वेतन पर कानूनी दर या उससे ज्यादा किसी भी दर पर स्वैच्छिक आधार पर अतिरिक्त योगदान देने का विकल्प चुन सकता है।” एम्प्लॉयर के पास इन अतिरिक्त स्वैच्छिक योगदानों के बराबर योगदान देने का विकल्प है। यह कोई मजबूरी नहीं है। कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों ही किसी भी समय ऐसे अतिरिक्त स्वैच्छिक योगदान को कम या बंद कर सकते हैं।

चूंकि प्राइवेट सेक्टर के ज्यादातर कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच ‘कॉस्ट-टू-कंपनी’ (CTC) वाला रिश्ता होता है इसलिए सैलरी का स्ट्रक्चर बदला जा सकता है। इससे दोनों पक्ष मिलकर ऐसी व्यवस्था बना सकते हैं जो ईपीएफओ सब्सक्राइबर के लिए फायदेमंद हो।

हालांकि कवरेज से जुड़ा नियम वैसा ही रहेगा क्योंकि नई स्कीम में मेंबरशिप जारी रखने का प्रावधान है। इसमें साफ कहा गया है कि जो कर्मचारी पुरानी स्कीम के तहत मेंबर थे, वे मेंबर बने रहेंगे। नई स्कीम में पैसे निकालने (विड्रॉल) से जुड़े उन बदलावों को लागू किया गया है जिन्हें पिछले साल अक्टूबर में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने मंजूरी दी थी।

इन बदलावों में एक साल में पैसे निकालने की संख्या बढ़ाना और एडवांस फंड निकालने की कैटेगरी को आसान बनाना शामिल है। कैटेगरीज को 13 से घटाकर सिर्फ तीन कर दिया गया है। इनमें जरूरी जरूरतें (बीमारी, पढ़ाई, शादी) घर से जुड़ी जरूरतें और खास हालात शामिल हैं।

Tag: #nextindiatimes #PF #employees

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