लाइफस्टाइल डेस्क। त्योहारों का समय आते ही घरों में खुशियों की बहार आ जाती है। हम सभी अपने परिवार और मेहमानों के लिए बर्फी, लड्डू और रसगुल्ले जैसी तमाम मिठाइयां (sweets) घर लेकर आते हैं।
यह भी पढ़ें-सुबह खाली पेट पिएं भीगी अंजीर का पानी, सेहत को मिलेंगे कई फायदे
क्या आपने कभी सोचा है कि जिन मिठाइयों से आप मुंह मीठा कर रहे हैं, वे सेहत के लिए कितनी खतरनाक हो सकती हैं? त्योहारों के सीजन में बाजार में मिलावटी मिठाइयों का कारोबार बहुत तेजी से बढ़ जाता है। मुनाफे के लालच में लोगों की सेहत से खुलकर खिलवाड़ किया जाता है।
मिलावट का काला सच
बाजार में बिकने वाली मिठाइयों में मिलावट का स्तर बेहद चौंकाने वाला होता है।
- मावा में मिलावट: मावा या खोए का वजन बढ़ाने के लिए उसमें स्टार्च, चावल या गेहूं का आटा, डिटर्जेंट और यहां तक कि यूरिया तक मिला दिया जाता है।
- घी और फैट: असली घी की जगह सस्ते वनस्पति तेल, पाम ऑयल, उबले हुए आलू या जानवरों की चर्बी का धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है।
- चांदी का वर्क: मिठाइयों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए लगाया जाने वाला 99.9% शुद्ध चांदी का वर्क असल में जहरीला एल्युमिनियम फॉयल हो सकता है।
- खतरनाक रंग: मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए मेटानिल येलो और मैलाकाइट ग्रीन जैसे रंग मिलाए जाते हैं। ये कपड़े रंगने वाले जहरीले केमिकल हैं, जिनसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
दिल्ली फूड सेफ्टी विभाग की हालिया छापामारी में चांदनी चौक, नरेला, ओखला और नारायणा की मशहूर दुकानों की सच्चाई सामने आ चुकी है। वहां मिठाइयों के पास खुले कूड़ेदान, कीड़े-मकोड़े और बिना हाथ धोए काम करने वाले कर्मचारी मिले थे।
असली और नकली मिठाई की पहचान कैसे करें?
- चमकीले रंग:
- बहुत ज्यादा चमकदार या आंखों को चुभने वाली मिठाइयां खरीदने से बचें।
- इनमें हानिकारक केमिकल वाले रंग हो सकते हैं।
- चांदी के वर्क की जांच:
- वर्क को उंगलियों के बीच रगड़कर या उस पर हल्की आंच दिखाकर देखें। असली चांदी तुरंत घुलकर गायब हो जाती है,
- जबकि एल्युमिनियम का वर्क वैसा ही रहता है या काला पड़ जाता है।
- गंध और फफूंद:
- यदि मिठाई से खट्टी या अजीब महक आए या उस पर फफूंद नजर आए,
- तो उसे भूलकर भी न खाएं।
- सुरक्षा मानक:
- हमेशा भरोसेमंद दुकान से खरीदें, FSSAI का लाइसेंस जरूर देखें और पैकेट पर निर्माण व एक्सपायरी डेट की जांच करें। यदि मिलावट का संदेह हो, तो ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप या नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
फूड पॉइजनिंग के लक्षण
दूषित मिठाई खाने से साल्मोनेला, ई. कोलाई या नोरोवायरस जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पेट में पहुंच जाते हैं। इसके लक्षण कुछ घंटों या दिनों में दिखने लगते हैं। मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
- पेट में तेज ऐंठन और दर्द
- पानी जैसे लगातार दस्त
- जी मिचलाना और बार-बार उल्टी आना
- बुखार, बदन दर्द और ठंड लगना
- शरीर में भारी कमजोरी महसूस होना
हल्के मामलों में पर्याप्त आराम और ओआरएस का घोल लेने से 1 से 3 दिन में राहत मिल जाती है।
डॉक्टर के पास कब जाएं?
यदि स्थिति गंभीर हो जाए, तो घर पर इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। नीचे दिए गए लक्षण दिखने पर बिल्कुल देर न करें:
- उल्टी या मल में खून आना
- तेज बुखार (बच्चों में 102°F और बड़ों में 103°F से ज्यादा)
- लगातार उल्टियों के कारण पानी या दवा का पेट में न टिक पाना
- गंभीर डिहाइड्रेशन (पेशाब बंद होना, मुंह सूखना या खड़े होने पर चक्कर आना)
- दस्त का तीन दिन से ज्यादा समय तक ठीक न होना
- धुंधला दिखना, मांसपेशियों में कमजोरी या बोलने में परेशानी जैसी तंत्रिका से जुड़ी समस्याएं
Tag: #nextindiatimes #Health #diwali2026




