CRPF में फिर लौटेंगे ‘लांस नायक’ और ‘नायक’ के पद, जानें दोनों के क्या होते हैं काम?

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में लगभग 30 साल पहले खत्म किए गए सैन्य पदों को फिर से लागू करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बल में ‘लांस नायक’ (Lance Naik) और ‘नायक’ (Naik) के पदों को दोबारा शुरू करने पर गंभीरता से विचार हो रहा है।

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इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य कांस्टेबलों की पदोन्नति (Promotion) में हो रही सालों की देरी को दूर करना और बल के जवानों के मनोबल को बढ़ाना है। इसके साथ ही, चार साल की सेवा पूरी करके रिटायर होने वाले ‘अग्निवीरों’ के लिए भी सीआरपीएफ में नए और बेहतर अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

आखिर क्यों पड़ी इन पदों को दोबारा लाने की जरूरत?

गृह मंत्रालय (MHA) के एक आदेश के तहत वर्ष 1997 में सीआरपीएफ से ‘लांस नायक’ और ‘नायक’ के पदों को खत्म कर दिया गया था और इन्हें पुलिस सेवा की तर्ज पर ‘कांस्टेबल’ और ‘हेड कांस्टेबल’ में मिला दिया गया था।

वर्तमान समय में लगभग 3.25 लाख कर्मियों वाले सीआरपीएफ में पदोन्नति को लेकर काफी ज्यादा ठहराव (Stagnation) देखा जा रहा है। एक सामान्य जवान को कांस्टेबल के पद से अपना पहला प्रमोशन पाने में ही औसतन 22 से 25 साल का लंबा समय लग जाता है।

इतने लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहने के कारण जवानों में असंतोष और निराशा पनपने लगती है।

जानिए कैसे काम करेगा नया प्रमोशन स्ट्रक्चर?

यदि यह नया प्रस्ताव पूरी तरह से लागू हो जाता है,

तो कांस्टेबलों को ‘हेड कांस्टेबल’ बनने से पहले दो अतिरिक्त प्रमोशन के अवसर मिलेंगे।

नई पदोन्नति प्रणाली के तहत-

  1. पहला प्रमोशन (लांस नायक):
  2. बल में शामिल होने के 5 साल पूरे होने पर जवान को ‘लांस नायक’ का पद मिलेगा।
  3. दूसरा प्रमोशन (नायक):
  4. सेवा के 10 साल पूरे होने पर जवान को ‘नायक’ बनाया जाएगा।
  5. तीसरा प्रमोशन (हेड कांस्टेबल):
  6. 20 साल की सेवा पूरी होने पर जवान ‘हेड कांस्टेबल’ के पद पर प्रमोट होगा।

अग्निवीरों की एंट्री और सीआरपीएफ का आकर्षण

इस ऐतिहासिक कदम का एक बड़ा मकसद भारतीय सेना से रिटायर होने वाले अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की ओर आकर्षित करना भी है। चार साल का अल्पकालिक सैन्य कार्यकाल पूरा करने के बाद अग्निवीरों का पहला बैच इस वर्ष के अंत से बाहर आना शुरू हो जाएगा।

सेना के समान रैंक स्ट्रक्चर होने से अग्निवीरों के लिए सीआरपीएफ में ढलना और सेवा देना काफी आसान हो जाएगा।

जवानों और अधिकारियों से मांगी गई राय

सीआरपीएफ मुख्यालय ने देश भर में तैनात अपनी तमाम फील्ड इकाइयों को सैनिक सम्मेलनों और बैठकों का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस फैसले पर आम जवानों की राय ली जा सके।

पूर्व पैरामिलिट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का मानना है कि जवानों को असली फायदा तभी मिलेगा जब यह प्रमोशन समयबद्ध तरीके से दिया जाए।

वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल दिखावे के लिए नहीं होना चाहिए,

बल्कि इससे बटालियन का अनुशासन और कार्यक्षमता भी बनी रहनी चाहिए।

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