ढहने से पहले ये सिग्नल देती है इमारत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

डेस्क। दिल्ली में हाल के महीनों में हुई कई दुर्घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि संरचनात्मक सुरक्षा की अनदेखी कितनी घातक साबित हो सकती है। चावड़ी बाजार, हर्ष विहार, सीमापुरी, सत्य निकेतन, सैदुलाजाब और वेलकम जैसे इलाकों में हुईं घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि इमारतें रातों-रात नहीं गिरतीं।

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ढहने से पहले वे कई तरह के चेतावनी संकेत देती हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना और सुधारना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं उन प्रमुख संकेतों के बारे में जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. दीवारों और खंभों में गहरी दरारें आना

  • बेसमेंट और दीवारों पर असर: जब किसी पुरानी इमारत में बिना पेशेवर सलाह के बेसमेंट की खुदाई की जाती है या संरचनात्मक बीम काटे जाते हैं, तो इसकी स्थिरता खतरे में पड़ जाती है।
  • गंभीर चेतावनी: यदि नीचे खुदाई चल रही है और ऊपरी दीवारों पर दरारें दिखने लगें, तो यह संकेत है कि इमारत की लोड-बेयरिंग सिस्टम विफल हो रही है। ऐसी दरारों को सामान्य कॉस्मेटिक नुकसान समझकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें।

2. आसपास की खुदाई और असामान्य कंपन

  • नींव की अस्थिरता:
  • सीमापुरी जैसी घटनाओं में पुरानी इमारतें पास में चल रहे तोड़-फोड़ या निर्माण कार्य के कारण ढह जाती हैं।
  • खतरनाक कंपन:
  • मौजूदा ढांचे के करीब भारी मशीनों के चलने से होने वाले असामान्य कंपन को एक गंभीर चेतावनी माना जाना चाहिए।
  • खंभों या पिलरों से आने वाली चटकाने की आवाज भी बड़े खतरे का साफ संकेत होती है।

3. कंक्रीट का टूटना और जंग लगना

  • नमी और सीलन:
  • पुरानी दिल्ली या घनी आबादी वाले इलाकों में दशकों पुरानी इमारतों में लंबे समय तक पानी का रिसाव होता रहता है।
  • नमी कंक्रीट और अंदर मौजूद स्टील के रिइंफोर्समेंट को कमजोर कर देती है।
  • स्पैलिंग (Spalling):
  • छत या खंभों से कंक्रीट का उखड़कर गिरना इस बात का प्रमाण है कि भीतर का स्टील बाहर आ रहा है।
  • कंक्रीट के नीचे दिखाई देने वाली जंग लगी,
  • लाल रंग की पट्टियां यह बताती हैं कि
  • इमारत का ढांचा अंदर से बहुत कमजोर हो चुका है।

4. दरवाजे-खिड़कियों का जाम होना और इमारत का झुकना

  • नींव का धंसना:
  • सैदुलाजाब की कमर्शियल इमारत जैसी घटनाओं से पहले ढांचा धीरे-धीरे झुकना शुरू कर देता है।
  • फ्रेम में बदलाव:
  • अचानक से दरवाजे और खिड़कियों का अपने फ्रेम में जाम हो जाना इस बात का संकेत है कि इमारत के ढांचे में हलचल हो रही है और उसकी नींव एक तरफ से धंस रही है।

इमारतों में होने वाले ऐसे किसी भी बदलाव (Building Collapse) को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। दरवाजे-खिड़कियों को जबरन ठीक करने या कॉस्मेटिक पेंट से दरारें छिपाने के बजाय तुरंत किसी सिविल इंजीनियर या पेशेवर विशेषज्ञ से स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाना चाहिए।

सतर्कता ही आपको और आपके परिवार को किसी बड़े हादसे से बचा सकती है।

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