लाइफस्टाइल डेस्क। दीपावली (Diwali) रोशनी और खुशियों का त्योहार है। इस दिन घरों को दीयों से सजाया जाता है और लोग पटाखे फोड़कर अपनी खुशियां मनाते हैं। हालांकि, जरा सी असावधानी इस पर्व की खुशियों को फीका कर सकती है।
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पटाखों से होने वाले जलने के घाव केवल ऊपरी त्वचा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ये कई बार त्वचा के साथ-साथ गहरी नसों तक को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इस दीवाली पटाखे चलाते समय बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। साथ ही, यदि दुर्भाग्य से कोई हादसा हो जाए और हाथ या शरीर का कोई हिस्सा जल जाए, तो सही समय पर सही फर्स्ट एड देना बहुत जरूरी हो जाता है।
जब जलने की जगह हो जाए सुन्न, समझें बड़ा खतरा
अगर पटाखे से जलने के बाद प्रभावित हिस्से पर दर्द महसूस नहीं हो रहा है, तो यह राहत की बात नहीं बल्कि एक गंभीर और खतरनाक संकेत है।
- गंभीर बर्न इंजरी के मामलों में त्वचा की नसें डैमेज हो जाती हैं, जिससे वह हिस्सा सुन्न पड़ जाता है।
- यदि जली हुई त्वचा का रंग सफेद पड़ जाए या चमड़ा काला नजर आने लगे, तो यह डीप टिश्यू डैमेज (गहरे ऊतकों के नुकसान) का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर या सर्जिकल जांच की आवश्यकता होती है।
- हाथों में होने वाली बर्न इंजरी सबसे ज्यादा जोखिम भरी होती हैं। गंभीर चोट ठीक होने के बाद भी हाथों की उंगलियों को हमेशा के लिए कड़ा या मुड़ा हुआ बना सकती है, जिससे लिखना, खाना या रोजमर्रा की चीजें पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
शुरुआती 20 मिनट हैं बेहद अहम: क्या करें और क्या नहीं?
पटाखे जलाते समय अगर हाथ या शरीर का कोई हिस्सा जल जाए, तो शुरुआती कुछ मिनटों में उठाए गए कदम नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं:
- ठंडे पानी का इस्तेमाल:
- सबसे पहले पटाखे वाली जगह से दूर हट जाएं। अगर कपड़ों में आग लग गई हो, तो ‘रुको, लेटो और रोल करो’ (Stop, Drop and Roll) का नियम अपनाएं। इसके बाद जले हुए हिस्से को कम से कम 20 मिनट तक ठंडे बहते हुए नल के पानी के नीचे रखें। ध्यान रखें कि सिर्फ सामान्य (नॉर्मल) पानी का ही इस्तेमाल करें, भूलकर भी बर्फ या बर्फ के पानी का प्रयोग न करें।
- एक्सेसरीज हटाएं:
- हाथ या कलाई जलने पर सूजन आने से पहले तुरंत अंगूठियां, घड़ी, कंगन या अन्य एक्सेसरीज उतार दें।
- कपड़े खींचें नहीं:
- यदि जलने वाले हिस्से पर कपड़ा चिपक गया है,
- तो उसे जबरदस्ती या खुद से खींचकर निकालने की कोशिश बिल्कुल न करें।
- घरेलू नुस्खों से बचें:
- घाव पर किसी साफ, स्टेराइल और नॉन-स्टिक पट्टी का इस्तेमाल करें। भूलकर भी टूथपेस्ट, घी, मक्खन, तेल, हल्दी या अन्य पारंपरिक घरेलू नुस्खों को ताजे जले हुए घाव पर न लगाएं।
- डॉक्टर से संपर्क करें:
- यदि चोट गहरी है, त्वचा ज्यादा जल गई है,
- सांस लेने में तकलीफ हो रही है या फिर चेहरा,
- आंखें और हाथ गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं,
- तो बिना देर किए तुरंत अस्पताल या डॉक्टर के पास जाएं।
लापरवाही का लंबा असर और जटिलताएं
पटाखे से होने वाले हादसों का प्रभाव व्यक्ति को लंबे समय तक भुगतना पड़ सकता है। गंभीर रूप से जलने पर इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, हमेशा के लिए गहरे निशान रह जाते हैं, जोड़ों की मूवमेंट सीमित हो जाती है और कई मामलों में मरीज को रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।
इसके अलावा,
गंभीर मामलों में स्किन ग्राफ्टिंग और लंबे समय तक चलने वाले मेडिकल रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
इसलिए इस दीवाली खुद सुरक्षित रहें,
बच्चों का खास ख्याल रखें और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं।
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