सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक भ्रष्ट्राचार का गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में कार्यरत एक लिपिक का रिश्वत मांगने से जुड़ा हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए शैलेश कुमार ने गुरुवार को इस वायरल वीडियो का खुद संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लिपिक मनीष कुमार उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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क्या है पूरा मामला और कैसे सामने आया वीडियो?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक मनीष कुमार उपाध्याय का एक शिक्षक से रिश्वत मांगने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला बढ़नी ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में शिक्षक के रुके हुए इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) को दोबारा बहाल करने और चालू करवाने की एवज में पैसों के लेनदेन की बात साफ तौर पर होती हुई दिखाई दे रही है।
वीडियो के फ्रेम में आरोपी लिपिक का चेहरा पूरी तरह से स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बातचीत के दौरान लिपिक वीडियो में विभागीय अधिकारियों का पदनाम लेते हुए यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि जब अधिकारियों का तय हिस्सा उन तक पहुंचेगा, तभी आगे का काम पूरा हो पाएगा। यह वीडियो सोशल मीडिया से होते हुए सीधे राजधानी लखनऊ स्थित एक उच्च विभागीय कार्यालय तक जा पहुँचा।
लखनऊ के एक वरिष्ठ विभागीय अधिकारी ने खुद बीएसए सिद्धार्थनगर को फोन किया
और इस वायरल वीडियो से अवगत कराते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नौगढ़ कार्यालय से संबद्ध और उच्चस्तरीय जांच के आदेश:
लखनऊ से निर्देश मिलने और वीडियो का संज्ञान लेने के तुरंत बाद बीएसए शैलेश कुमार ने आरोपी लिपिक मनीष कुमार उपाध्याय के खिलाफ निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।
निलंबन की अवधि के दौरान संबंधित लिपिक को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नौगढ़ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है
ताकि वह अपने पद का दुरुपयोग न कर सके।
इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के लिए विभाग ने दो सदस्यीय एक विशेष जाँच टीम का गठन किया है।
इस जाँच समिति में वित्त एवं लेखाधिकारी अभिनव कुमार सिंह और बीईओ शोहरतगढ़ संजय कुमार को शामिल किया गया है,
जो पूरे मामले की टटोला-बीन कर रिपोर्ट सौंपेंगे।
बीएसए शैलेश कुमार का आधिकारिक बयान:
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि
इंटरनेट मीडिया पर लिपिक द्वारा काम कराने के एवज में रिश्वत मांगने से संबंधित वीडियो प्रसारित हुआ था।
वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित लिपिक को तुरंत निलंबित कर दिया गया है।
बीएसए ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक इस मामले में किसी भी पीड़ित व्यक्ति या शिक्षक ने आधिकारिक तौर पर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वायरल वीडियो में शिक्षक का चेहरा स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई दे रहा है, लेकिन बातचीत में जिस शिक्षक का नाम सामने आया है या ज्ञात हुआ है, उसे कार्यालय में बुलाया जाएगा और पूरे मामले पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। मामले की जाँच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है और जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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