सरकारों के लिए काल बन रहे Gen Z, जानें अब तक कितने देशों में हुआ सत्ता परिवर्तन

नई दिल्ली। आज के दौर में दुनिया भर की राजनीति में ‘Gen Z’ (जेन जेड) यानी युवाओं की यह पीढ़ी एक बहुत बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। फ्रांस में युवा और छात्र उन मुद्दों के खिलाफ विरोध कर रहे हैं जो उनके हिसाब से देश की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उनके भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा हैं। उत्तरी पेरिस में छात्रों के एक छोटे से आंदोलन के तौर पर शुरू हुई यह मुहिम देखते ही देखते देश के दूसरे हिस्सों में भी फैल गई।

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इसी तरह, भारत में भी रोजगार, परीक्षा में गड़बड़ी और जवाबदेही को लेकर युवाओं के नेतृत्व में बड़े आंदोलन देखने को मिले हैं। साथ ही, वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर भी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। ये तमाम घटनाएं इस बात का साफ प्रमाण हैं कि आज की युवा पीढ़ी का राजनीतिक प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

कौन हैं Gen Z और क्यों हो रहे हैं मुखर?

Gen Z का मतलब आमतौर पर 1997 और 2012 के बीच पैदा हुए लोगों से है। यह डिजिटल युग की पीढ़ी है जो राजनीतिक सक्रियता में बेहद प्रभावशाली हो चुकी है। सरकार विरोधी या हक की लड़ाइयों में समर्थन जुटाने के लिए ये युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म, वायरल हैशटैग और सड़कों पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों का खुलकर इस्तेमाल करते हैं।

वे देश जहाँ Gen Z के आंदोलनों ने बदल दी सरकारें:

  1. बांग्लादेश (2024): बांग्लादेश ने साल 2024 में युवाओं के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक और बड़ा विद्रोह देखा। शुरुआत में छात्रों ने सरकारी नौकरियों में चल रहे कोटा सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई और रोजगार में निष्पक्ष अवसरों की मांग की। हालांकि, तानाशाही के आरोपों और जनता के बढ़ते गुस्से के बीच यह आंदोलन शेख हसीना की सरकार के खिलाफ एक व्यापक विरोध में बदल गया।
  2. प्रदर्शन इतने तेज हो गए कि आखिरकार अगस्त 2024 में हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा।
  3. नेपाल (2005):
  4. नेपाल में साल 2005 में युवा भ्रष्टाचार, पारंपरिक राजनीतिक विशेषाधिकारों और सोशल मीडिया पर लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे। इन प्रदर्शनों में पारंपरिक राजनीतिक नेतृत्व के प्रति गहरी निराशा और अधिक पारदर्शिता की मांग साफ दिखाई दी।
  5. युवाओं ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपनी मांगों को व्यवस्थित किया,
  6. जिससे राजनीतिक आंदोलनों में डिजिटल सक्रियता की बड़ी भूमिका सामने आई।
  7. श्रीलंका (2022):
  8. श्रीलंका में भीषण आर्थिक संकट की वजह से साल 2022 में बड़े पैमाने पर जन-आंदोलन हुए। आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों, ईंधन की भारी कमी और बुनियादी सामान न मिल पाने के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। राजनीतिक जवाबदेही की मांग करने वाले इन प्रदर्शनों में युवाओं ने सबसे आगे रहकर भूमिका निभाई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन समेत कई प्रमुख सरकारी इमारतों पर कब्जा कर लिया, जिसके चलते भारी दबाव के बीच राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को देश छोड़कर भागना पड़ा और इस्तीफा देना पड़ा।
  9. मेडागास्कर:
  10. यहाँ युवा प्रदर्शनकारियों ने बिजली और पानी की लगातार किल्लत, बढ़ते भ्रष्टाचार और बिगड़ते जीवन स्तर के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
  11. जनता के बढ़ते गुस्से के बाद आखिरकार सेना को दखल देना पड़ा,
  12. जिसके परिणामस्वरूप राजनीतिक नेतृत्व में बड़ा बदलाव आया।
  13. पेरू:
  14. पेरू में युवाओं के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, असुरक्षा और पेंशन प्रणाली से जुड़ी चिंताओं पर केंद्रित रहे। प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया का उपयोग करके अपने अभियानों को गति दी। इस दौरान जापानी मंगा कॉमिक ‘वन पीस’ का काल्पनिक किरदार ‘मंकी डी लुफी’ न्याय और प्रतिरोध का एक बड़ा प्रतीक बनकर उभरा।

वह देश जहाँ Gen Z ने नीतियों (Policies) में बदलाव के लिए किया मजबूर

युवाओं की सक्रियता ने हमेशा पूरी सरकार को ही नहीं,

बल्कि कई बार गलत नीतियों और कानूनों को बदलने के लिए भी शासनों को मजबूर किया है:

  • केन्या (2024):
  • यहाँ 2024 के विवादास्पद फाइनेंस बिल के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए,
  • जिसके दबाव में आकर राष्ट्रपति विलियम रुटो को अंततः वह कानून वापस लेना पड़ा।
  • इंडोनेशिया (2025):
  • साल 2025 के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों ने सांसदों के विशेष भत्ते,
  • विशेषाधिकारों और देश की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
  • मोरक्को:
  • मोरक्को के ‘Gen Z 212’ आंदोलन ने सरकारी खर्च, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर मुखर होकर अपनी चिंताएं उठाईं।
  • भारत:
  • भारत में भी छात्रों द्वारा चलाए गए अभियानों और डिजिटल विरोध प्रदर्शनों ने परीक्षा के पेपर लीक होने,
  • सरकारी भर्तियों में देरी और बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया है।

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