नई दिल्ली। दिल्ली में पुलिस अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान, एक महिला पत्रकार ने एसीपी (ACP) विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न और धक्का-मुक्की का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के सामने आने के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया।
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संसद मार्ग थाने पर CJP का प्रदर्शन और अल्टीमेटम
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- मिलने से इनकार का आरोप:
- सौरव दास का दावा है कि पुलिस शुरुआत में पीड़ित महिला और उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलने को तैयार नहीं थी।
- प्रतिनिधिमंडल में शामिल दिग्गज:
- काफी हंगामे के बाद पीड़ित महिला पत्रकार के साथ रत्ना सिंह, वृंदा करात, आइशी घोष और ऋषभ रंजन का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस स्टेशन के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने पहुंचा।
- सख्त रुख:
- सौरव दास ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा था कि शिकायतकर्ता अपने वकीलों और समर्थकों के साथ बाहर खड़ी है।
- यदि पुलिस संवाद नहीं करेगी, तो वे जबरन अंदर प्रवेश करेंगे।
दिल्ली पुलिस का पक्ष और कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोपी ACP के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की जा रही है।
इस पूरे विवाद पर दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए निम्नलिखित जानकारी दी है:
- मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर:
- दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस घटना से जुड़ी कुल तीन शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 4 अक्टूबर (रविवार) को जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
- सबूतों की मांग: पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के वक्त मौके पर कई मीडियाकर्मी और कैमरापर्सन मौजूद थे। यदि ऐसी कोई घटना हुई है,
- तो उसका वीडियो या डिजिटल सबूत होना चाहिए।
- पुलिस का दावा:
- पुलिस का मानना है कि विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से यह शिकायत की जा रही है।
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