सिद्धार्थनगर: कब्जा हटाए बिना ही दिखा दी कब्जामुक्त जमीन, IGRS पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसुनवाई व्यवस्था (IGRS) पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के शाहपुर स्थित टोला परान डिहवा गांव का है। यहां खलिहान की सरकारी जमीन से पूरी तरह अतिक्रमण हटाए बिना ही पोर्टल पर उसे ‘कब्जा मुक्त’ घोषित करने की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप लगा है।

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क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता दीपक कुमार के अनुसार, गांव में स्थित खलिहान की बहुमूल्य सरकारी जमीन पर उनके ही चाचा द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया था। इस अतिक्रमण को हटवाने के लिए दीपक ने तहसील प्रशासन और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत मिलने के बाद मौके की जांच की जिम्मेदारी क्षेत्र के लेखपाल राजेश मणि को सौंपी गई थी।

आरोप है कि लेखपाल ने धरातल पर पूरा कब्जा हटाए बिना ही कागजों और पोर्टल पर जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त दिखाने वाली रिपोर्ट लगा दी,

जबकि हकीकत में जमीन पर आज भी अवैध कब्जा बरकरार है।

दोबारा जांच और कार्रवाई की मांग:

शिकायतकर्ता दीपक कुमार ने शासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष दोबारा जांच कराई जाए। उन्होंने मांग की है कि खलिहान की जमीन को वास्तव में कब्जा मुक्त कराया जाए और गलत रिपोर्ट देकर अधिकारियों को गुमराह करने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

एसडीएम डुमरियागंज का रुख:

इस पूरे विवाद पर उप जिलाधिकारी (SDM) डुमरियागंज विवेकानंद मिश्रा ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा उनके पास भी यह मामला लाया गया था।

एसडीएम के मुताबिक मौके पर आंशिक रूप से (थोड़ा बहुत) कब्जा हटाया गया है। बाकी बचे हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए राजस्व टीम को फिर से मौके पर भेजा जाएगा,

ताकि जमीन को पूरी तरह खाली कराया जा सके।

प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल:

एसडीएम के आश्वासन के बावजूद यह मामला प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।

जब धरातल पर सिर्फ आंशिक कब्जा ही हटा था,

तो सरकारी पोर्टल पर शत-प्रतिशत निस्तारण की रिपोर्ट किस आधार पर लगाई गई?

अब देखना होगा कि राजस्व टीम की दोबारा जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।

(इनपुट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)

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