हेल्थ डेस्क। हार्ट अटैक (heart attack) तब आता है जब दिल तक खून का बहाव अचानक रुक जाता है। ऐसा कोरोनरी आर्टरी में फैट यानी थक्के जमने के कारण होता है। ऑक्सीजन न मिलने से दिल के टिशू कुछ ही मिनटों में खराब होने लगते हैं। डॉक्टर हमेशा कहते हैं कि दिल के मामले में ‘समय ही जीवन है’। इलाज में जितनी देरी होगी, नुकसान उतना ही ज्यादा होगा।
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सीने में दर्द और भारीपन के संकेत:
फिल्मों की तरह हार्ट अटैक में हमेशा तेज चुभने वाला दर्द नहीं होता है। ज्यादातर मरीज सीने के बीच में या बाईं तरफ दबाव, जकड़न और भारीपन महसूस करते हैं। अक्सर लोग इसे साधारण गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह असहजता कुछ मिनट रुककर फिर से वापस आ सकती है।
शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द:
आमतौर पर माना जाता है कि दर्द सिर्फ बाएं हाथ में होता है, लेकिन यह सच नहीं है। दर्द एक या दोनों हाथों, कंधों, कमर, गर्दन, जबड़े या पेट के ऊपरी हिस्से में भी उठ सकता है।
इन जरूरी लक्षणों को भी न पहचानें साधारण:
- सीने में दर्द के साथ या बिना दर्द के सांस लेने में तकलीफ होना।
- अचानक बिना वजह ठंडा पसीना आना और चक्कर महसूस होना।
- जी मिचलाना, उल्टी आना या धड़कन का अनियंत्रित होना।
- बिना किसी भारी काम के बहुत ज्यादा थकान महसूस होना।
महिलाओं में सीने में दर्द के बजाय यह लक्षण अधिक दिखाई देते हैं।
इसी वजह से महिलाओं में दिल के दौरे की पहचान अक्सर देर से हो पाती है।
खुद डॉक्टर न बनें, तुरंत अस्पताल जाएं:
सीने में दर्द की वजह सिर्फ हार्ट अटैक ही नहीं, बल्कि एंग्जाइटी, मांसपेशियों में खिंचाव या फेफड़ों की समस्या भी हो सकती है। इसलिए खुद अंदाजा लगाने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर ईसीजी (ECG) और ब्लड टेस्ट के जरिए सही वजह का पता लगा लेते हैं।
आपातकालीन स्थिति में क्या करें?
- इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें:
- लक्षण दिखते ही तुरंत एंबुलेंस को फोन करें।
- खुद गाड़ी न चलाएं:
- मरीज को खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल नहीं जाना चाहिए। एंबुलेंस में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं मौजूद होती हैं।
- डॉक्टर की सलाह पर एस्पिरिन:
- अगर मरीज को एस्पिरिन से एलर्जी न हो, तो इमरजेंसी कॉल करने के बाद इसे चबाकर लिया जा सकता है।
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर:
हार्ट अटैक खून के बहाव में रुकावट की समस्या है। वहीं, कार्डियक अरेस्ट एक इलेक्ट्रिकल खराबी है, जिसमें दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है और व्यक्ति बेहोश हो जाता है। कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में तुरंत सीपीआर (CPR) देने की जरूरत होती है।
बचाव के आसान उपाय:
धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं। रोज शारीरिक रूप से सक्रिय रहें और वॉक करें। भोजन में हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करें। अधिक नमक और पैकेट बंद खाने से बचें, क्योंकि इनसे बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा रहता है।
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