उज्जैन। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन (Ujjain) में इन दिनों अब्दालपुरा स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद (Shahi Masjid) को लेकर काफी तनाव बना हुआ है। सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच टकराव हुआ है।
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इस घटना के बाद इलाके में पथराव हुआ और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। जहाँ मुस्लिम समुदाय का एक वर्ग प्रशासन के साथ सहयोग करने की बात कह रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसका कड़ा विरोध कर रहा है।
इस विवाद के बीच आइए जानते हैं इस शाही मस्जिद का इतिहास और इसके निर्माण की कहानी।
1. 14वीं शताब्दी से जुड़ा है मस्जिद का निर्माण और इतिहास
स्थानीय मुस्लिम समुदाय और मस्जिद कमेटी के दावों के अनुसार, यह शाही मस्जिद लगभग 630 साल पुरानी है।
- निर्माण काल:
- ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार इसका निर्माण सन 1390 से 1404 ईस्वी के बीच हुआ था।
- वास्तुकला:
- यह वह दौर था जब मध्य भारत में मालवा सल्तनत की स्थापना हो रही थी।
- स्थापत्य कला:
- यह मस्जिद मध्यकालीन दौर की सल्तनत कालीन स्थापत्य कला और उज्जैन के प्राचीन इतिहास का एक अनूठा उदाहरण मानी जाती है।
2. किसने बनवाई थी उज्जैन की शाही मस्जिद?
इतिहासकारों और उपलब्ध शिलालेखों से यह जानकारी मिलती है कि इस मस्जिद का निर्माण मालवा के पहले स्वतंत्र शासक दिलावर खान गोरी के शासनकाल में हुआ था।

- दिलावर खान ने 14वीं शताब्दी के अंत में मालवा क्षेत्र पर अपना नियंत्रण स्थापित किया था।
- उन्होंने अपनी राजधानी धार के साथ-साथ उज्जैन शहर में भी कई धार्मिक और सार्वजनिक इमारतों का निर्माण कराया।
- स्थानीय रिकॉर्ड्स और परंपराओं में भी दिलावर खान को ही इस मस्जिद का संस्थापक माना जाता है। कंठाल के व्यस्त व्यापारिक मार्ग पर स्थित यह इमारत सदियों से इस इलाके की पहचान रही है।
3. ग्वालियर रियासत और सरकारी गजट में भी हैं इसके प्रमाण
मस्जिद कमेटी इसकी प्राचीनता को साबित करने के लिए कई पुराने और शासकीय दस्तावेजों का हवाला देती रही है:
- 1925 का पत्र:
- सिंधिया रियासत के समय वर्ष 1925 में ग्वालियर राज्य के ‘टाउन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट’ ने एक पत्र जारी किया था।
- उसमें भूमि अधिग्रहण के दौरान मस्जिद के शेष हिस्से को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए थे।
- 1985 का गजट:
- आजादी के बाद वर्ष 1985 में मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन में भी इस मस्जिद के स्थान, अस्तित्व और इसके कुल क्षेत्रफल का स्पष्ट ब्योरा दर्ज है।
4. क्यों हो रहा है इस शाही मस्जिद पर बवाल?
उज्जैन शहर में कंठाल से लेकर गोपाल मंदिर मार्ग तक सड़क को चौड़ा करने का काम काफी समय से चल रहा है।
- सड़क चौड़ीकरण योजना:
- इस मार्ग को चौड़ा करने के लिए सड़क के दायरे में आने वाले कई ढांचों को हटाया जा रहा है, जिसमें यह मस्जिद भी शामिल है।
- प्रशासनिक कार्रवाई:
- जब रविवार रात प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने भारी विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी।
- तनावपूर्ण माहौल:
- विरोध प्रदर्शन बढ़ने के बाद पुलिस और भीड़ के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद माहौल को संभालने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
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