सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश की एटीएस (ATS) टीम ने 14 सितंबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर से मकसूद नाम के एक संदिग्ध आतंकवादी (Terrorist) को गिरफ्तार किया है। वह सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील के मधवापुर गांव का रहने वाला है। एटीएस द्वारा की गई इस गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया है और परिवार के लोग बेहद सदमे में हैं।
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गरीबी के कारण छोड़ी पढ़ाई और शुरू किया काम:
19 वर्षीय मकसूद अपने तीन बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर पर है।
उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।
- पिता की बीमारी:
- करीब 3 साल पहले पिता अब्दुल कुद्दूस के कूल्हे की हड्डी में गंभीर समस्या हो गई थी, जिससे वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए।
- अधूरी पढ़ाई:
- मकसूद ने बांसी के तिलक इंटर कॉलेज से 9वीं तक पढ़ाई की।
- 10वीं कक्षा में दाखिले के लिए ₹1,000 की फीस न होने के कारण उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी।
- रोजगार की तलाश:
- परिवार का खर्च उठाने के लिए वह 3 महीने पहले अपने रिश्तेदार के साथ कारपेंटर (बढ़ई) का काम करने निकला। वह मुंबई और गुजरात होते हुए तमिलनाडु गया था।

हमेशा मोबाइल में व्यस्त रहता था मकसूद:
मकसूद की मां और दादी ने बताया कि वह बेहद शांत और सीधे स्वभाव का लड़का था। गांव में उसका कोई दोस्त नहीं था और न ही कोई बाहरी व्यक्ति उससे मिलने घर आता था।
- मोबाइल की लत:
- वह दिन भर मोबाइल में ही व्यस्त रहता था। जब परिवार के लोग उसे टोकते थे, तो वह कहता था कि वह मोबाइल पर पढ़ाई कर रहा है।
- परिवार को झटका:
- परिजनों को समझ नहीं आ रहा है कि वह कब और कैसे पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आ गया।
गांव के प्रधान और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
गांव के प्रधान पति राजदेव ने बताया कि उन्हें इस गिरफ्तारी की जानकारी सुबह अखबार के जरिए मिली।
उन्होंने कहा कि मकसूद किसी से ज्यादा घुलता-मिलता नहीं था और उसकी किसी हरकत से कभी कोई शक नहीं हुआ।
फिलहाल सूचना मिलने के बाद मकसूद के पिता अपने एक रिश्तेदार के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं।
पूरे गांव को इस खबर पर यकीन नहीं हो पा रहा है और एटीएस की आगे की जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।
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