अकबरपुर। महान संत बाबा नीब करौरी महाराज (Neeb Karori Baba) की जन्मस्थली अकबरपुर की पैतृक संपत्ति का विवाद अब प्रशासन तक पहुँच गया है। प्रशासन के नोटिस का जवाब देते हुए बाबा की छह पोतियों ने अपने वारिसाना हक का दावा पेश किया है। उनका कहना है कि यह संपत्ति उनके परिवार की है।
इस पर किसी भी ट्रस्ट का कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता है।
यह भी पढ़ें-कौन हैं हनुमान अंश में रामबेटी का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस? फिल्म के लिए किया था ये काम
यह विवाद फिरोजाबाद जिले के टुंडला इलाके के अकबरपुर गाँव का है।
बाबा की पोत्री के पति ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकुर जी हनुमान ट्रस्ट ने पैतृक धरोहर पर जबरन कब्जा कर लिया है। एक तरफ जहाँ जिला प्रशासन इस मामले की जाँच कर रहा है।
वहीं सरकार इस गाँव को पर्यटन स्थल बनाने का प्लान तैयार कर रही है।
बाबा की संपत्ति में क्या-क्या शामिल है:
अकबरपुर में बाबा का लगभग 450 वर्ग फुट में फैला एक पुश्तैनी घर है। इसमें उनका ध्यान कक्ष, भजन क्षेत्र और सोने का कमरा मौजूद है।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह पूरा ढाँचा करीब 4000 वर्ग फुट के प्लॉट पर बना है।
इसके आसपास फलों के बाग और बगीचे भी शामिल हैं।

फिलहाल कौन कर रहा है संपत्ति का प्रबंधन:
अभी इस संपत्ति की देखरेख ‘श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट’ कर रहा है। इस ट्रस्ट की प्रमुख बाबा की बेटी गिरिजा देवी हैं और संजय गुप्ता सचिव हैं।
पोतियों ने क्यों किया मालिकाना हक का दावा?
बाबा के छोटे बेटे की छह पोतियों ने प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के सेक्रेटरी ने गैर-कानूनी तरीके से घर पर कब्जा किया है। वे उन्हें वहाँ रहने से रोक रहे हैं।
इसलिए उन्होंने वंशज होने के नाते अपना हक माँगा है।
दूसरी तरफ बाबा के बड़े पोते धनंजय शर्मा ने अपनी बहनों के आरोपों को गलत बताया है।
उनका कहना है कि बाबा की इच्छा से ही संपत्ति ट्रस्ट को सौंपी गई थी।
फिलहाल जिला मजिस्ट्रेट ने तीन सदस्यों की जाँच समिति बनाई है।
समिति दस्तावेजों की जाँच करके असली मालिकाना हक का पता लगा रही है।
Tag: #nextindiatimes #NeebKaroriBaba #hanumanansh




