सिद्धार्थनगर। जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बैदौला गांव के पास राप्ती नदी एक बार फिर विकराल रूप धारण करती नजर आ रही है। नदी (river) के तेज बहाव से लगातार हो रहे कटान के कारण नदी किनारे की उपजाऊ कृषि भूमि तेजी से नदी में समाती जा रही है। इससे किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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ग्रामीणों का कहना है कि राप्ती नदी कई वर्षों से इस क्षेत्र में कटान कर रही है लेकिन अब तक स्थायी बचाव के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि न तो शासन और न ही प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर पर्याप्त ध्यान दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अब तक 100 बीघे से अधिक कृषि भूमि नदी की भेंट चढ़ चुकी है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कटान रोकने के लिए ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में नदी का कटाव तटबंध तक पहुंच सकता है, जिससे बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर प्रभावी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है, ताकि किसानों की बची हुई जमीन और आसपास के गांव सुरक्षित रह सकें। किसानों का कहना है कि राप्ती नदी लगातार उनकी जमीन निगल रही है। कई किसानों की खेती योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। उनका आरोप है कि अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही उनकी समस्याओं का समाधान किया गया। किसानों का कहना है कि चुनाव के समय नेता गांव आते हैं, लेकिन संकट की घड़ी में कोई उनकी सुध लेने नहीं पहुंचता।
क्या बोले डीएम:
वहीं इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बताया कि मीडिया के माध्यम से सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को तत्काल मौके पर भेजा गया है और निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिले और सभी तहसीलों में बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। सभी संबंधित विभागों के साथ बैठकें पूरी हो चुकी हैं और आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। पशुओं के लिए अलग व्यवस्था, बाढ़ चौकियां और बाढ़ शरणालय भी तैयार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नेपाल से जलस्तर बढ़ने की 36 घंटे पहले मिलने वाली सूचना के आधार पर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इसके अलावा एनसीसी, एसडीआरएफ, पीएसी समेत विभिन्न टीमों को भी तैयार रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित सूचना और राहत कार्य के लिए लेखपाल, ग्राम प्रधान और कोटेदारों के संपर्क नंबरों के साथ तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं।
(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)
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