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Saturday, May 2, 2026

एक्सप्रेसवे और हाईवे में क्या होता है अंतर, जानें कितना लगता है टोल?

डेस्क। जब भी हम लंबी दूरी की यात्रा पर निकलते हैं तो रास्ते में “हाईवे” और “एक्सप्रेसवे” जैसे शब्द बार-बार सुनने को मिलते हैं। अक्सर लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन सच यह है कि इन दोनों सड़कों के बीच बड़ा अंतर होता है। इनके नियम और बनावट दोनों ही अलग-अलग होती है। चलिए जानते हैं हाईवे और एक्सप्रेसवे में क्या अंतर होता है?

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हाईवे और एक्प्रेस-वे (Expressways) दो ऐसे नाम जिन्होंने मीलों की दूरी को घंटों में बदल दिया। हाईवे और एक्सप्रेस-वे दोनों होती तो सड़कें हैं, लेकिन एक दूसरे से बिलकुल भिन्न होते हैं। देश में बहुत से एक्सप्रेस-वे पर काम चल रहा है। एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियां हाईवे की कंपेरिजन में बहुत तेजी से चलती हैं। एक्प्रेस-वे अधिक ऊंचाई पर बनाए जाते हैं। हाईवे 2 से 4 लेन की चौड़ी सड़क होती है, जबकि एक्सप्रेस-वे में 6 से 8 लेन होती हैं।

एक्सप्रेस को तेज गति से चलने वाली गाड़ियों के लिए बनाया जाता है। एक्सप्रेसवे के लिए अलग-अलग एंट्रेंस और एग्जिट रैम्प बनाए जाते हैं। ऐक्रप्रे-वे पर एक्सप्रेस वाली सुविधा के लिए लोगों को हाईवे के कंपेरिजन में टोल टैक्स भी ज्यादा देना होता है। एक्सप्रेस वे को 120 किमी/घंटा की अधिकतम गति के लिए डिज़ाइन किया गया है, जबकि हाईवे पर अधिकतम स्पीड 80 से 100 किमी/घंटे की होती है।

सुरक्षा और यात्रा अनुभव की बात करें तो एक्सप्रेसवे ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं क्योंकि यहां अचानक से कोई वाहन या पैदल यात्री नहीं आता। वहीं हाईवे पर गांव, शहर और लोकल ट्रैफिक के कारण जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है। यही कारण है कि एक्सप्रेसवे पर सफर तेज, स्मूथ और कम समय में पूरा हो जाता है, जबकि हाईवे पर थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है।

Tag: #nextindiatimes #Expressways #Highway

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