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Sunday, April 12, 2026

हाथ-पैर की अकड़न को न समझें मामूली, इस गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत

लाइफस्टाइल डेस्क। आमतौर पर जब भी हम ‘पार्किंसंस’ बीमारी का नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में किसी बुजुर्ग व्यक्ति की तस्वीर उभरती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बीमारी अब तेजी से युवाओं को भी अपना शिकार बना रही है? अगर समय रहते इस बीमारी के लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो मरीज की जिंदगी को काफी हद तक सामान्य और बेहतर बनाया जा सकता है।

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पार्किंसंस नसों और दिमाग से जुड़ी एक Disease है। इसमें हमारे दिमाग के उन हिस्सों में ‘डोपामिन’ नाम के एक जरूरी केमिकल की कमी होने लगती है, जो शरीर के मूवमेंट और बैलेंस को कंट्रोल करते हैं। युवाओं में इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं, जिस वजह से अक्सर वे इसे कोई आम समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर भारी पड़ सकती है।

पार्किंसंस के संकेत:

-अगर खाली बैठे या आराम करते समय आपके हाथों या उंगलियों में बिना किसी वजह के हल्का कंपन महसूस हो, तो इसे महज थकान या कमजोरी समझने की गलती न करें। यह पार्किंसंस का पहला संकेत हो सकता है।

-सुबह सोकर उठने के बाद या काफी देर तक एक ही जगह पर बैठे रहने के बाद अगर शरीर या मांसपेशियों में बहुत ज्यादा जकड़न महसूस होती है, तो यह चिंता का विषय है। इससे आपके रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी मुश्किल हो सकते हैं।

-चलते समय लड़खड़ाना, शरीर का बैलेंस न बन पाना, चलते-चलते अचानक छोटे कदम लेना या मन में बार-बार गिरने का डर बना रहना इस बीमारी की शुरुआत हो सकती है।

-अगर आपकी हैंडराइटिंग पहले के मुकाबले अचानक छोटी होती जा रही है और अक्षर असमान बन रहे हैं, तो यह भी पार्किंसंस की तरफ इशारा करता है।

Tag: #nextindiatimes #Parkinsons #Health #Lifestyle

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