डेस्क। अपनी मजबूत भौगोलिक स्थिति और ऐतिहासिक विरासत के कारण ईरान (Iran) हमेशा से चर्चा में रहता है। समंदर की लहरों से लेकर ऊंची पहाड़ियों और रेगिस्तानों तक फैला ईरान आज युद्ध और कूटनीति का केंद्र बना हुआ है। इसके पड़ोस में कौन से देश बसते हैं और यह भारत से कितनी दूर है, यह समझना आज के वैश्विक हालात में बेहद जरूरी है।
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ईरान मध्य पूर्व (Middle East) का एक ऐसा शक्तिशाली देश है, जिसकी जमीनी सीमाएं सात अलग-अलग देशों के साथ साझा होती हैं। अगर आप नक्शे पर नजर डालेंगे, तो पाएंगे कि इसके पश्चिम में इराक और तुर्की जैसे महत्वपूर्ण देश हैं। वहीं उत्तर की ओर बढ़ने पर अजरबैजान और आर्मेनिया की सीमाएं ईरान को स्पर्श करती हैं। उत्तर-पूर्व में तुर्कमेनिस्तान और पूर्व की ओर अफगानिस्तान व पाकिस्तान इसके पड़ोसी हैं। इन सात देशों के बीच स्थित ईरान इस पूरे क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

जमीनी सीमाओं के अलावा ईरान का समुद्री विस्तार उसे वैश्विक व्यापार का किंगमेकर बनाता है। इसके दक्षिण में फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) स्थित हैं। यह समुद्री हिस्सा न केवल प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का मुख्य मार्ग भी है।
भारत की राजधानी दिल्ली से ईरान की राजधानी तेहरान की दूरी लगभग 2500 से 2700 किलोमीटर के बीच है। हालांकि शहरों के हिसाब से इस दूरी में थोड़ा अंतर आ सकता है लेकिन एक सीधी उड़ान के जरिए आप मात्र 3 से 4 घंटे में दिल्ली से तेहरान पहुंच सकते हैं। यह कम दूरी ही भारत और ईरान के बीच पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का एक बड़ा कारण रही है।
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