हेल्थ डेस्क। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और बढ़ते तापमान के साथ ही गर्मी से होने वाली समस्याएं भी शुरू हो चुकी है। मौसम में अचानक होने वाला बदलाव कई समस्याओं का कारण बनता है, जिसमें से एक माइग्रेन भी है। बदलता मौसम माइग्रेन के मरीजों के लिए मुसीबत बन सकता है।
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अक्सर देखा जाता है कि सुबह सुहावनी ठंड होती है और दोपहर होते-होते तेज गर्मी पड़ने लगती है। तापमान का यह उतार-चढ़ाव हमारे शरीर के आंतरिक संतुलन को बिगाड़ देता है, जिससे सिर दर्द शुरू हो जाता है। नसों में होने वाला यह तेज बदलाव ही माइग्रेन के दर्द को न्योता देता है। गर्मी बढ़ने से शरीर में डिहाइड्रेशन होने लगती है, जो माइग्रेन (Migraine) का एक जाना-माना कारण है। उमस और बढ़ता तापमान व्यक्ति को थका देता है, जिससे चिड़चिड़ापन बढ़ता है और नींद भी पूरी नहीं हो पाती।
बचाव के तरीके:
प्यास लगने का इंतजार न करें, दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। आप नींबू पानी या नारियल पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का भी सेवन कर सकते हैं। दोपहर की तेज धूप और आंखों पर पड़ने वाली चमक से बचने के लिए सनग्लासेस पहनें। समय पर खाना खाएं। खाली पेट रहने या शुगर लेवल कम होने से सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।

अगर आप सुबह ठंड में घर से निकल रहे हैं, तो साथ में हल्के कपड़े रखें ताकि दोपहर की गर्मी में आप खुद को सहज रख सकें। अगर आपको अक्सर मौसम बदलने पर माइग्रेन का दर्द बार-बार हो रहा है या असहनीय है, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। अपनी जीवनशैली में थोड़ा-सा बदलाव करके आप इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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