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Sunday, March 8, 2026

कितनी तबाही मचा सकता है क्लस्टर बम, जानें इसे बनाने में आता है कितना खर्च?

डेस्क। हाल ही में ईरान-इजरायल लड़ाई के दौरान क्लस्टर बम वाली मिसाइलों के इस्तेमाल की खबरों के बाद मिडिल लिस्ट में तनाव बढ़ चुका है। इन हथियारों के कथित इस्तेमाल ने इंटरनेशनल बहस छेड़ दी है। इस बीच आइए जानते हैं कि यह हथियार कितने खतरनाक हैं और इन्हें बनाने में कितना खर्च आता है?

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Cluster Bomb आम बमों से काफी अलग होता है। यह एक ही धमाके में नहीं फटता। दरअसल इसका मेन कंटेनर हवा में खुल जाता है। इस मेन कंटेनर को कैरियर या फिर डिस्पेंसरी भी कहा जाता है।खुलने के बाद यह दर्जनों या फिर सैकड़ों छोटे एक्सप्लोसिव छोड़ता है। इन्हें सबम्यूनिशन या बॉम्बलेट कहा जाता है। ये छोटे बम जमीन पर फटने से पहले एक बड़े एरिया में फैल जाते हैं। इस डिजाइन की वजह से क्लस्टर म्यूनिशन एक साथ कई टारगेट पर हमला कर सकते हैं।

क्लस्टर बमों की खासियत यह है कि वे काफी बड़े एरिया को कवर कर सकते हैं। जब कैरियर हवा में फटता है तो बॉम्बलेट एक ऐसे एरिया में फैल जाते हैं जो कई फुटबॉल फील्ड जितना बड़ा हो सकता है। हथियार के टाइप के आधार पर एक क्लस्टर कंटेनर 9 से लेकर कई सौ सबम्यूनिशन तक छोड़ सकता है।

क्लस्टर बम की सही लागत उसके टाइप और टेक्नोलॉजी के लेवल के आधार पर काफी अलग-अलग होती है। आर्टिलरी शेल में इस्तेमाल होने वाले बेसिक क्लस्टर हथियार, एडवांस्ड प्रिसिजन गाइडेड सिस्टम की तुलना में काफी सस्ते होते हैं। जैसे एक स्टैंडर्ड 155 एमएम आर्टिलरी शेल की कीमत आमतौर पर $500 से $3000 के बीच होती है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹42000 से ₹2.5 लाख के बीच होती है। इसे क्लस्टर म्यूनिशन के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

Tag: #nextindiatimes #ClusterBomb #ISRAELIRANWAR

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