लाइफस्टाइल डेस्क। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि शरीर के अंदर होने वाले Hormonal changes सिर्फ महिलाओं में ही होते हैं। हालांकि यह धारणा पूरी तरह से गलत है। हार्मोनल बदलाव सिर्फ महिलाओं में ही नहीं, बल्कि पुरुषों में भी होते हैं। अब सिर्फ बुजुर्गों में ही नहीं, बल्कि 20 से 30 साल के युवा पुरुषों में भी ‘टेस्टोस्टेरोन’ का स्तर तेजी से गिर रहा है।
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टेस्टोस्टेरोन सिर्फ सेक्शुअल हेल्थ से ही नहीं जुड़ा है; बल्कि यह पुरुषों की मांसपेशियों, हड्डियों की मजबूती, एनर्जी लेवल, मूड और फर्टिलिटी को भी कंट्रोल करता है। टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के शरीर में बनने वाला एक बेहद जरूरी हार्मोन है। जवानी की शुरुआत में शरीर में इसका स्तर सबसे ज्यादा होता है। 30 साल की उम्र के बाद हर साल इसमें करीब 1% की कमी आने लगती है लेकिन आज के समय में युवाओं में यह गिरावट उम्र से कहीं ज्यादा तेजी से हो रही है, जो चिंता का विषय है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी ने हमारे हार्मोनल संतुलन को बुरी तरह बिगाड़ दिया है। काम का दबाव और घर-परिवार की जिम्मेदारियां शरीर में कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ाती हैं, जो सीधा टेस्टोस्टेरोन के प्रोडक्शन को रोक देता है।टेस्टोस्टेरोन मुख्य रूप से तब बनता है, जब हम गहरी नींद में होते हैं। कम सोने वाले युवाओं में इसका स्तर काफी घट जाता है।
रोजमर्रा की कुछ आदतों में आसान बदलाव करके इसे नेचुरली बढ़ाया जा सकता है। वजन उठाने वाले व्यायाम हफ्ते में कम से कम 3-4 दिन करें। ऐसा करने से टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने में काफी मदद मिलती है। टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के लिए अच्छी नींद सबसे ज्यादा जरूरी है। इसलिए हर रात 7 से 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लें।
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