नई दिल्ली। जब से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की सगाई की खबरें सामने आई हैं, तब से नेहरू-गांधी परिवार लगातार लाइमलाइट में बना हुआ है। इसी क्रम में आज हम आपके लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू की बहन विजय लक्ष्मी की Love Story के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में शायद ही किसी को मालूम हो।
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नेहरू की बहन विजयलक्ष्मी पंडित की कहानी सिर्फ प्रेम की नहीं बल्कि सामाजिक मर्यादाओं और सत्ता के प्रभाव की भी है। यह किस्सा ये भी बताता है कि हिंदू-मुस्लिम विवाद कोई आज का नया नहीं है, बल्कि सालों से चली आ रही सच्चाई है। सैयद हुसैन का जन्म 1888 में ढाका में हुआ था। उनकी शख्सियत ऐसी थी कि वे अपने भाषणों और लेखन से लोगों को तुरंत प्रभावित कर लेते थे।

कुछ स्रोतों के अनुसार, सैयद के लंदन जाने से पहले दोनों ने गुपचुप तरीके से मुस्लिम रीति से विवाह भी कर लिया था। जब यह बात मोतीलाल नेहरू को पता चली, तो वे बेहद नाराज हुए। जवाहरलाल नेहरू ने भी इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया। परिवार के दबाव में विजयलक्ष्मी को यह रिश्ता तोड़ने के लिए मना लिया गया था। बाद के वर्षों में विजयलक्ष्मी पंडित ने अपनी आत्मकथा ‘स्कोप ऑफ हैपिनेस’ में स्वीकार किया कि किशोरावस्था में वे सैयद हुसैन की ओर आकर्षित हुई थीं।
बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए और विजय लक्ष्मी का विवाह महाराष्ट्र के सास्वत ब्राह्मण रणजीत पंडित से करवा दिया गया। हालांकि विजय लक्ष्मी से अलग होने के बाद सैयद हुसैन जिंदगी भर अविवाहित रहे। इसके बाद सैयद हुसैन धीरे-धीरे भारतीय राजनीतिक और सामाजिक विमर्श से दूर होते चले गए।
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